School Wala Love Shayari

School Wala Love Shayari

School Wala Love Shayari – वो बचपन वाला प्यार जो आज भी यादों में मुस्कुराता है

कभी-कभी जब पुरानी डायरी के पन्ने पलटती हूँ ना, तो school wala love खुद-ब-खुद उन लम्हों से झांकने लगता है — वही पहली नज़र वाला इश्क़, वही मासूमियत, वही डर कि कहीं टीचर देख न ले, और वही दिल की धड़कन जो बिना वजह तेज़ हो जाया करती थी। School wala love shayari सिर्फ़ शब्द नहीं, एक एहसास है — जो हर किसी की ज़िंदगी में कभी न कभी आया ज़रूर होता है। उस वक़्त हमें शायद “प्यार” का मतलब भी नहीं पता था, पर जब वो सामने से गुजरता था, तो दिल अपने आप मुस्कुरा उठता था।

स्कूल वाला प्यार

जब स्कूल में पढ़ते थे तब उससे आजाद होना चाहते थे
अब जब आजाद है तो फिर से वही जिंदगी जीना चाहता हूं!!!

स्कूल के दोस्त ही जिंदगी के सच्चे दोस्त होते है
बाकी दोस्ती तो मतलब के साथ चलती है..!!!

वो क्लास में हँसना वो टीचर से डाँट खाना
दोस्तों के साथ हर बात पर मुस्कुराना..!!!

स्कूल वाला प्यार सबसे अच्छा होता है नादानी से भरा ये दिल कच्छा होता है ना मांगे गिफ्ट का
टेंशन ना चुप चुप के मिलने का झमेला बस एक दूसरे को देख के मुस्कुराना अच्छा लगता है

क्लास में था शोर दोस्ती आ था जोर, लंच में थी
ज़िंदगी की मस्ती स्कूल लाइफ ही बेस्ट थी।

बेंच पर बैठकर चुपके से बातें करना
होमवर्क ना करने पर एक-दूसरे को बचाना..!!!

बचपन का दौर था मस्ती करते जाते थे,
क्या दिन थे वो छोटी- छोटी गलती पे डांट खाते थे।

क्लास की खिड़की के पास बैठना दोस्तों साथ शरारत करते जाना,
सबके टिफिन से खाना खाना बहुत याद आता है स्कूल का वो ज़माना।

स्कूल की गलियों में बसी खुशी की बातें,
हर पल हंसी में ढल गईं ये यादें।

चंद सांसें बची हैं आखिरी दीदार दे दो
झूठा ही सही मगर एक बार प्यार दे दो

हम तो उम्र भर के मुसाफिर हैं मत पूछ
तेरी तलाश में कितने सफर किए हैं हमने

दोस्ती में थी जान दिल से दोस्ती निभाते थे, अगर दोस्त को
मार पड़े कॉपी अपनी छुपा के हम भी मार खाते थे।

दोस्ती का सफर हमसफर बन गया,
स्कूल का हर दिन खास हो गया।

पढ़ाई की राह में हंसते थे हर दिन,
यादें बनीं, जैसे हो कोई जादू की छिन।

एक वक्त था जब हम स्कूल ना जाने के लिए रोते थे अब स्कूल का एक झलक पाने के लिए तरसते हैं एक
वक्त था जब स्कूल में टीचर के डांट से रोया करते थे अब उसी टीचर के डांट सुनने के लिए भी तरसते है

स्कूल के दोस्त कितने भी कमीने हो,
स्कूल बंद होने के बाद उनकी याद बहुत आती है!

जख्मी दिल का राज भी खोला नही जाता,
पर स्कूल के दोस्तों से झूठ बोला नही जाता!

दिल की धड़कन बनकर दिल में रहोगे तुम,
जब तक सांस है मेरे साथ रहोगे तुम।

दोस्तों की दोस्ती में कोई रूल नहीं होता,
और यह सिखाने के लिए कोई भी स्कूल नहीं होता!

जब तुमसे बात नहीं होती पल पल मरते है हम,
तुम्हारी कसम तुमसे बहुत प्यार करते है हम।

वो भी क्या दिन थे जब हम स्कूल में पढ़ा करते थे टिफिन किसी का भी हो साथ बैठकर खाया करते थे
चलती क्लास में साथ में सब मस्ती किया करते थे वो भी क्या दिन थे जब हम सब साथ में रहा करते थे

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आज पड़ी जब नजर पुराने किताबों पे तो बीते स्कूल के वो दिन याद आ गए
दोस्तों के साथ बिताए वो मस्ती भरे पल स्कूल के वो किस्से फिर से तरोताजा हो गए!

टीचर सोचते थे उन्होंने सजा दिया है हमें पर वह तो हमें ही
पता है कि उस सजा में भी कितना मजा होता था

स्कूल की गलियों में बसी हैं यादें हज़ार,
दोस्ती और मस्ती का हर पल था खास।

सपनों की दुनिया में खोए थे हम,
स्कूल के दिन बीते, जैसे हो कोई चमत्कार।

वो स्कूल के दिन बड़े ही सुहाने थे कॉलेज के दोस्तों के साथ
मस्ती करना यही जिंदगी के अफसाने थे..!!!

वह भी क्या दिन थे ना जब हम सब साथ हुआ करते थे साथ मिलकर एक दूसरे को परेशान किया
करते थे वह भी क्या दिन थे जब किसी एक की गलती का सजा सब साथ में लिया करते थे

मस्ती भरे पल, हंसी का हर सुर,
स्कूल के दिन याद रहेंगे, कभी न होगा विहूर।

पढ़ाई और खेल में बसी ये मस्ती,
स्कूल की यादें बनीं जीवन की हस्ती।

मास्टर डांट लगाते थे हम सहम जाते थे, इंटरवल में
करते थे मस्ती रोज़ नई मस्ती करते जाते थे।

ए खुदा काश वही दिन पुराने मिल जाए
जब स्कूल के मेरे बिछड़े यार मिल जाए.!!

लंच बॉक्स में छुप-छुप कर खाना छत पर जाकर जोर से चिल्लाना, होमवर्क ना
होने पर दोस्त की कापी दिखाना पुराने यादों को सोच के मुस्कुरा जाना।

बिना वजह हंस लेते थे दोस्तो के साथ खाते पीते थे,
स्कूल की ज़िंदगी बेफिक्री से हम जीते थे।

कैसी पलट गई है ज़िन्दगी पहले स्कूल ना जाने का बहाना ढूंढते थे
अब स्कूल जाने का मौका तक नही मिलता !!

हर दिन की चमक और हर पल का मजा,
स्कूल की यादें बसीं, दिल में आज भी सज्जा।

स्कूल के बाद जिम्मेदारियां इस कदर बढ़ जाती है,
कि दोस्तों की यादें थोड़ी धुंधली पड़ जाती है।

दोस्ती की मिठास और हंसी की मिठाई,
स्कूल के दिन हैं, दिल की सबसे प्यारी छाई।

जवानी में आकर बचपन में जाने का मन करता है, स्कूल के
दोस्तों की कमी ऑफिस के कोई दोस्त पूरी नहीं करता है।

वे साथ हो तो इन मुसीबतों की कोई औकात नही होती,
यह अलग बात है कि अब स्कूल के दोस्तों से बात नही होती!

टॉयलेट के बहाने पूरा स्कूल का
चक्कर लगाने का मजा ही कुछ और था

इंटरवल में बाहर जाना काला खट्टा खाना,
दोस्तो को खूब चुढाना हर पल मस्ती के साथ बिताना।

आसमान में काली घटा छाई है आज फिर से टीचर से मार खाई है सब कहते हैं
सुधर जा सुधर जा पर क्या करें यह दिल को तो यही शरारत भाती है

School Love Memories Shayari

बहुत समय बाद आज फिर स्कूल वाले रास्ते पे जा रहा हूं
फर्क बस इतना है कि तब किताबों से भरा बैग था और अब जिम्मेदारियां है

अब स्कूल वाले रास्तों से हम जुदा हो गए
हम आज अपने स्कूल से विदा हो गए

जिन्दगी जीने का कोई उसूल नही होता है
दोस्ती सिखाने का कोई स्कूल नही होता है !

अभी स्कूल में थे तब कॉलेज जाने की तमन्ना थी अब कॉलेज आके
एहसास हुआ की वह स्कूल वाला जमाना कितना अच्छा था

सपने है आंखो मै बड़े बड़े दिल मै मा का बेशुमार प्यार
निकल पड़े है अपनी ज़िंदगी बदलने लेकर ऊपर वाले का नाम !

स्कूल की बेल बजते ही दौड़ के बाहर जाना, अपने दोस्तों को का
टिफिन खाना बहुत याद आता है वो ज़माना।

लंच टाइम का इंतजार दोस्तों के साथ का प्यार,
स्कूल के वो प्यारे दिन याद आते है बार-बार।

स्कूल के दिनो मे सबसे बेहतर दिन वो होता था
जब हर क्लास का पहला दिन होता था !

होमवर्क की सज़ा मिलती थी बंक करने का मज़ा आता था,
स्कूल के दिन बहुत अच्छे थे बेफिक्री से दिन बीत जाता था।

पढ़ाई की दुनिया में बसीं थीं मस्ती की परतें,
स्कूल के हर दिन ने दिखाए हसीन सपने।

दोस्तों के संग बीते पल, जैसे रंगीन सपना,
स्कूल की यादें अब भी मन में हैं चमकता।

हर दिन की खुशी, हंसी की दास्तान,
स्कूल के दिन आज भी दिल के पास मान।

होमवर्क बिना की जाते थे नया बहाना बनाते थे, जब मन नहीं
लगता था क्लास में बंक मार के बाहर भाग जाते थे।

कितने ही हम तुम्हे करीब ले आये, मगर तुम्हे दिल में
रखकर भी मेरा दिल नहीं भरता।

स्कूल जाते थे तो स्कूल से परेशान हुआ करते थे अब
स्कूल की यादे परेशान करती है !

कौन कहता है की दिल सिर्फ सीने में होता है,
तुझको लिखूँ तो मेरी उंगलियाँ भी धड़कती है।

दिन सुहाने लगते थे हँसते थे रोते थे
जब हम भी स्कूल जाए करते थे !!

चलो अपनी मासूमियत हम ढूढ़ कर लाते है
चलो हम फिर से स्कूल की ओर जाते है !

हज़ारों दोस्तों का आना जाना हुआ,
पर स्कूल के दोस्तों जैसा दोस्त मिले ज़माना हुआ।

जिन दोस्तों की दोस्ती स्कूल के कई साल बाद भी बरकरार
होती है, उस दोस्ती में एक अलग ही बात होती है।

नहीं होता था टाइम पार लंच का करते थे इंतेज़ार,
दोस्तो का खाना खा जाते थे इलज़ाम दूसरे दोस्तो पे लगाते थे।

पिछली बार मैंने “Army Lover Attitude Shayari” लिखी थी — जो जोश और इश्क़ से भरी थी, और आज मैं लायी हूँ “School Wala Love Shayari” — वो मासूम सा प्यार जो अब सिर्फ़ यादों में जीता है। कभी-कभी सोचती हूँ, अगर उस school wala love को वक़्त थोड़ा और मिलता, तो शायद वो कहानी अधूरी नहीं रहती। लेकिन शायद उसकी अधूरापन ही उसकी खूबसूरती है… वो innocence, वो silence, वो नादानियों से भरा प्यार — वही तो इसे सबसे खास बनाता है।

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