Gulzar Shayari on Love in Hindi ek aisi khushboo hai jo barson baad bhi yaadon mein mehka karti hai. Main Zoya… aur aaj main le kar aayi hoon un lafzon ka jadoo, jo sirf Gulzar sahab hi likh sakte hain. Unka har sher ek khidki sa lagta hai — jo kabhi dil ke kone mein rakhe purane khat khol deta hai, toh kabhi kisi adhoori mulaqat ko zinda kar deta hai.
Pichhle article mein humne Girlfriend Ke Liye Love Shayari ke zariye pyaar bhare rishton ka jashn manaya tha. Lekin aaj baat hai us ishq ki… jo kabhi khushbu bankar chhoo jaata hai, toh kabhi khamoshi mein roya karta hai.
Aaiye, kuch aise Gulzar Shayari ke tukdon mein kho jaayein, jahan mohabbat ke har rang ko alfaazon ne kaid kar diya hai… 🌹📖
तू कितनी भी खुबसुरत क्यूँ ना हो ए ज़िंदगी
खुशमिजाज़ दोस्तों के बगैर तु अच्छी नहीं लगती..!!
जिंदगी यूँ हुई बसर तन्हा…!
काफिला साथ और सफर तन्हा..!!
तुमसे मिली जो जिंदगी, हमने अभी बोई नहीं..!
तेरे सिवा कोई न था, तेरे सिवा कोई नहीं..!!
ये तुमने ठीक कहा है, तुम्हें मिला ना करू
मगर मुझे ये बता दो कि क्यों उदास हो तुम?
तेरी यादों के जो आखिरी थे निशान,
दिल तड़पता रहा, हम मिटाते रहे…
ख़त लिखे थे जो तुमने कभी प्यार में,
उसको पढते रहे और जलाते रहे…
Gulzar Ki Mohabbat Bhari Shayari Jo Dil Ko Chhoo Jaaye
तेरे-करम-तो-हैं इतने कि याद हैं अब तक,
तेरे सितम हैं कुछ इतने कि हमको याद नहीं
शायर बनना बहुत आसान हैं…!
बस एक अधूरी मोहब्बत की मुकम्मल डिग्री चाहिए…!!
कोई पूछ रहा हे मुझसे मेरी जिंदगी की कीमत…
मुझे याद आ रहा हैं तेरे हल्के से मुस्कुराना…
मेरे-तेरे इश्क़ की छाँव मे, जल-जलकर! काला ना पड़ जाऊ कहीं !
तू मुझे हुस्न की धुप का एक टुकड़ा दे…!
चाँद रातों के ख्वाब
उम्र भर की नींद मांगते हैं ॥
बहोत अंदर तक जला देती है,
वो शिकायते जो बया नहीं होती
अपने होठों से चुन रहा हूँ, तुम्हारी सांसो की आयतो को
की जिसम के इस हसीन काबे पे ,रूह सजदे बिछा रही है।
इक उर्म हुई मैं तो हंसी भूल चुका हूँ,
तुम अब भी मेरे दिल को दुखाना नही भूले ।
आज हर ख़ामोशी को मिटा देने का मन है..!
जो भी छिपा रखा है मन में लुटा देने का मन है..!!
कभी कभी तो आवाज़ देकर
मुझको जगाया ख़्वाबो ने..!
गुल से लिपटी हुई तितली को गिराकर देखो,
आँधियों तुमने दरख्तों को गिराया होगा..!
Pyaar Mein Tanhaiyon Ko Sametne Wali Shayari by Gulzar
पूछ कर अपनी निगाहों से बता दे मुझको,
मेरी राहों के मुकद्दर में सहर है कि नही..
बहुत मुश्किल से करता हूँ, तेरी यादों का कारोबार,
मुनाफा कम है, पर गुज़ारा हो ही जाता है…
तेरे उतारे हुए दिन पहनके अब भी मैं,
तेरी महक में कई रोज़ काट देता हूँ !!
पलक से पानी गिरा है, तो उसको गिरने दो
कोई पुरानी तमन्ना, पिंघल रही होगी!!
सुनो…जब कभी देख लुं तुम को….
तो मुझे महसूस होता है कि दुनिया खूबसूरत है….
कैसे एक लफ्ज़ में बयां कर दूँ..!
दिल को किस बात ने उदास किया ..!!
अब ये हसरत है कि सीने से लगाकर तुझको.!
इस क़दर रोऊँ की आंसू आ जाये…!!
आइना देख कर तसल्ली हुई
हम को इस घर में जानता है कोई
आँखों के पोछने से लगा आग का पता
यूँ चेहरा फेर लेने से छुपता नहीं धुआँ
आदतन तुम ने कर दिए वादे…!
आदतन हम ने ए’तिबार किया…!!
Bewafaai Aur Yaadon Bhari Shayari Gulzar Sahab Ke Andaaz Mein
लाज़िम था के देखे मेरा रास्ता कोई दिन और
तनहा गए क्यों , अब रहो तनहा कोई दिन और
कितने शिरीन हैं तेरे लब के रक़ीब,गालियां खा के बेमज़ा न हुआ
कुछ तो पढ़िए की लोग कहते हैं,आज ‘ग़ालिब ‘ गजलसारा न हुआ
आप के बा’द हर घड़ी हम ने..!
आप के साथ ही गुज़ारी है….!!
एक ही ख़्वाब ने सारी रात जगाया है
मैं ने हर करवट सोने की कोशिश की
जब भी ये दिल उदास होता है.!
जाने कौन आस-पास होता है..!!
Kabhi kabhi lagta hai, Gulzar sahab ne hamare dil ko bina mile hi padh liya ho… unki Shayariyon mein jo khamoshi ka sur hai, woh mere liye ek jazba hai — jisme har mohabbat, har judai, aur har yaad saans leti hai.
Gulzar Shayari on Love in Hindi sirf padhi nahi jaati — mehsoos ki jaati hai, jaise kisi purani diary ka safha, jisme aapka dil likha ho…
Agli baar, ho sakta hai Zoya le aaye Gulzar ki zindagi par kuch khaas baatein, ya unki dosti wali Shayari… Tab tak, ek cup chai lijiye, aur in shayariyon ke saath apne dil ke kisi khoye hue kisse ko yaad kijiye… 🍂☕


