Best True Love Majburi Shayari
कभी–कभी सच्चा प्यार होना ही सबसे बड़ी मजबूरी बन जाता है… 💔
हाँ, सुनने में अजीब लगेगा पर दिल की दुनिया ऐसी ही होती है। तुम किसी से पूरे दिल से मोहब्बत करो, अपना सब कुछ उस इंसान में ढाल दो… पर हालात, दुनिया या दूरियाँ तुम्हें साथ नहीं रहने देती। यही तो सबसे दर्दनाक किस्सा है सच्चे प्यार का।
मैंने भी महसूस किया है ये एहसास… जब चाह कर भी किसी को रोक नहीं पाते। जब तुम सामने से गुजरते हो, और दिल चिल्लाता है “रुक जा, मत जा…” लेकिन होंठ चुप रहते हैं। Majboori ऐसी होती है कि दिल टूटा भी नहीं कह पाता। प्यार अपनी जगह सच्चा होता है, और जुदाई अपनी जगह सच्ची। यही सबसे गहरी चोट है, जिसे सिर्फ वही समझ सकता है जिसने जी हो।
Majboori ke Saath Jeevan ka Safar
ज़िंदगी के भी अपने अलग उसूल हैं किसी की राहों में कांटे तो किसी में फूल हैं
बस आपका साथ मिल जाए तो सारी शर्ते कबूल हैं
मुझको फिर से हसीन लगने लगी
उसने इस तरह पेश की दुनिया
जैसे मेरी निगाह ने देखा न हो कभी
महसूस ये हुआ तुझे हर बार देख कर
हर बड़ी मछली से हम तो इस तरह से डर गए
हम ने तालाबों को छोड़ा फिर नए से घर गए
ज़िंदगी है अपने क़ब्ज़े में न अपने बस में मौत
आदमी मजबूर है और किस क़दर मजबूर है
आप की याद में रोऊं भी न मैं रातों को
हूं तो मजबूर मगर इतना भी मजबूर नहीं
तेरी मजबूरियां दुरुस्त मगर
तू ने वादा किया था याद तो कर
मयखाने से पूछा आज इतना सन्नाटा क्यों है?
कहा लहू का दौर है साहब शराब कौन पीता है।
चांद से मुखड़े को अश्कों से भिगोती क्यों हो?
मैं तेरा कौन हूं तुम मेरे लिए रोती क्यों हो।
वो अंत तक वफादारी निभाती भी तो कैसे?
मैं ना तो पहली ना ही आखिरी मोहब्बत था।
ज़िंदगी है अपने क़ब्ज़े में न अपने बस में मौत
आदमी मजबूर है और किस क़दर मजबूर है
किसी की मजबूरी का मजाक ना बनाओ यारों,
जिन्दगी कभी मौका देती है तो कभी धोखा भी देती है
ए जिंदगी बहुत मजबूर थे हम
क्या करे नशे में चूर थे हम
इंसान अपने आप में मजबूर है बहुत
कोई नहीं है बेवफ़ा अफ़्सोस मत करो
ग़म-ए-ज़माना ने मजबूर कर दिया वर्ना
ये आरज़ू थी कि बस तेरी आरज़ू करते
मेरे हालात मुझको इस तरह मजबूर कर बैठे
जिसे अपना समझ बैठे उसे ही दूर कर बैठे
Dard Ko Samajhne Wali Shayari
इतना तो समझते थे हम भी उस की मजबूरी
इंतिज़ार था लेकिन दर खुला नहीं रक्खा
कुछ तो मजबूरियाँ रही होंगी
यूं कोई बेवफ़ा नहीं होता
चलो हम भी वफ़ा से बाज़ आए
मोहब्बत कोई मजबूरी नहीं है
किनारे से लौट गयी हैं तो कमजोर ना समझो।
ये लहरें एक पल में शहर उजाड़ सकती हैं।।
ज्यादा अच्छा होना भी बेवकूफी है। पता
नहीं चलता लोग कदर कर रहे हैं कि इस्तेमाल।
आपने तो सिर्फ सुना है हम पर बीती है।
यह जो मोहब्बत है ना सच में खून पीती है।।
कभी मजबूर कर देना कभी मजबूर हो जाना
यही तेरा वतीरा है यही तेरी सियासत है
जितनी हिरनी की दूरी है ख़ुद अपनी कस्तूरी से
उतनी ही दूरी देखी है इच्छा की मजबूरी से
जिन्दगी भी तवायफ की तरह होती है
कभी मजबूरी में नाचती है, कभी मशहूरी में
थके लोगों को मजबूरी में चलते देख लेता हूँ
मैं बस की खिड़कियों से ये तमाशे देख लेता हूँ
अगर है इश्क़ सच्चा तो निगाहों से बयाँ होगा
ज़बाँ से बोलना भी क्या कोई इज़हार होता है
अपने इश्क़ का यूँ इज़हार करना है तुझसे
तुझको हाथों से पहनाएँगें कानों में झुमके
मैं बदलते हुए हालात में ढल जाता हूँ
देखने वाले अदाकार समझते हैं मुझे
Pyar Aur Majboori Ka Milan
कभी मजबूर कर देना कभी मजबूर हो जाना
यही तेरा वतीरा है यही तेरी सियासत है
एक ही शख़्स को चाहो सदा
ये कैसी मजबूरी है
अपनी निगाहों को एक चेहरे पर पाबंद रखो।
हर सूरत पे लुट जाना तौहीन-ए- वफा होती है।।
हम अपना ग़म भूल गए
आज किसे देखा मजबूर
किस से इज़हार-ए-मुद्दआ कीजे
आप मिलते नहीं हैं क्या कीजे
रक्स दिल है जारी तेरे इश्क के साजों पे।
कोई ऐसा सुर ना छेड़ कि दिल तड़प के मर जाए।।
तू भी खामख्वाह बढ़ रही है ए धूप…!
इस शहर में पिघलने वाले दिल ही नहीं।
कोई और होगा मेरी जगह यकीनन, मगर सुनो
रह जाएगी हमेशा मेरी कमी कहीं न कहीं।।
इंसान अपने आप में मजबूर है बहुत
कोई नहीं है बेवफ़ा अफ़्सोस मत करो
मिलना एक इत्तेफ़ाक है और बिछड़ना मजबूरी है
चार दिन की इस जिन्दगी में सबका साथ होना जरूरी है
नाकाम हैं असर से दुआएँ दुआ से हम
मजबूर हैं कि लड़ नहीं सकते ख़ुदा से हम
तेरी मजबूरियां दुरुस्त मगर
तू ने वादा किया था याद तो कर
अब जो कोई पूछे भी तो उस से क्या शरह-ए-हालात करें
दिल ठहरे तो दर्द सुनाएँ दर्द थमे तो बात करें
ये तुम भी जानते हो कि हालात नर्म है
कहने को कह रहा हूँ कि सब ठीक ठाक है
इज़हार-ए-इश्क़ उस से न करना था ‘शेफ़्ता’
ये क्या किया कि दोस्त को दुश्मन बना दिया
Shayari Jo Dil Ko Rula De
इलाज ये है कि मजबूर कर दिया जाऊं
वगरना यूं तो किसी की नहीं सुनी मैं ने
आधियां आई तो पलकों की कीमत पता चला।
आंखों को बड़ा गुरूर था सब दिखता है उन्हें।।
हमारे पास सुनाने को कुछ नहीं है यार,
हमें तो ख्वाब भी सोचे जमाना हो गया।
कभी भी किसी की मजबूरियों पर मत हँसना कोई मजबूरियों को खरीद कर नहीं लाता
डर रखिये वक्त की मार से…बुरा वक्त किसी को बता कर नहीं आता
मेरी मजबूरी को समझो जो तुम्हारा साथ ना दे पाई
दिल तो मेरा यही चाहता है की बन जाऊं तेरी परछाई
चले जाओ भी अब जी लेंगे पर
सच कहो मजबूरी है क्या?
है समझना आपको तो शे’र से इज़हार समझें
बात कहने को भला हम फूल क्यों तोड़ा करेंगे
अँगूठी के लिए पैसा नहीं था
किया इज़हार हमने शेर से ही
जब किया इज़हार तो हंँस कर मुझे कहने लगी
प्यार से दो बात करना प्यार हो जाता है क्या
लड़कियां तो खुलेआम रो देती हैं दोस्त ..!
दर्द अंदर छुपाके हंसना सिर्फ लड़के जानते हैं।
तेरी मर्जी है लेकिन यह बात ठीक नहीं।
कि तेरे होते हुए भी मैं तेरे लिए तरसूं।।
कुछ लुट गया कुछ लुटा दिया। कुकछ मिट गया कुछ मिटा दिया।।
जिन्दगी ने कुछ यूं आजमाया हमें। कुछ छिन गया कुछ गवां दिया।।
किसी की अच्छाई का इतना भी फायदा मत उठाओ
कि वो बुरा बनने के लिए मजबूर हो जाये
मैं बोलता हूँ तो इल्ज़ाम है बग़ावत का
मैं चुप रहूँ तो बड़ी बेबसी सी होती है
मसअला ये नहीं कि इश्क़ हुआ है हम को
मसअला ये है कि इज़हार किया जाना है
Main Zoya hoon…
पिछली बार मैंने “Instagram Gujarati Love Shayari” लिखी थी| कभी–कभी मैं सोचती हूँ… कि सच्चा प्यार अगर इतना ही दर्द देता है तो लोग इसमें डूबते क्यों हैं? शायद इसलिए, क्योंकि ये दर्द भी हमें हमारी इंसानियत से जोड़ता है। हमें एहसास दिलाता है कि दिल कितना कोमल है, और मोहब्बत कितनी गहरी।
आज मैंने Best True Love Majburi Shayari लिखी, ताकि वो हर इंसान जो इस हालात से गुजर रहा है, अपने दिल की कहानी यहाँ महसूस कर सके।


