Best Bewafa Love Shayari

Best Bewafa Love Shayari

Best Bewafa Love Shayari – Zoya’s Diary

कभी-कभी प्यार का सबसे बड़ा दर्द मोहब्बत के ख़त्म होने में नहीं,
बल्कि उसमें होता है जब सामने वाला तुमसे वफ़ा करने का वादा करके भी बेवफा हो जाता है।
दिल टूटता है, आँखें नम होती हैं, और इंसान अपने ही सवालों में खो जाता है – “आख़िर मैंने कहाँ कमी छोड़ी थी?”

आज मैं, Zoya, तुम्हारे लिए “Best Bewafa Love Shayari” लेकर आई हूँ…
क्योंकि शायद तुम्हारा दिल भी कभी टूटा होगा, तुम्हें भी किसी ने धोखा दिया होगा,
और तुम्हें भी महसूस हुआ होगा कि बेवफाई की चुभन सबसे गहरी होती है।
ये शायरी सिर्फ़ अल्फ़ाज़ नहीं, ये उन रातों की कहानियाँ हैं जब नींद नहीं आई,
और उन आँसुओं की गवाही है जो किसी ने देखे भी नहीं।

धोखे का दर्द और बेवफाई की शायरी

गम ही गम है जिंदगी में ख़ुशी मुझे रास नहीं
मोहब्बत ऐसी हुई जिससे मिलने की कोई आस नहीं !

दिल टूटा, आंसू रुके ना, तेरी बेवफाई में कुछ ऐसा असर था।
तू चली गई, छोड़ अकेला, इस दिल का अब क्या करूं मैं बता?

सजाए थे ख्वाबों का शहर, तूने एक पल में तोड़ दिया,
तेरी बेवफाई से पहले, ये दिल कितना मजबूत था।

हम से कोई तअल्लुक़-ए-ख़ातिर तो है उसे
वो यार बा-वफ़ा न सही बेवफ़ा तो है

तेरी यादों की बारात, दिल में आज भी उतरती है,
तू नहीं है साथ, पर तेरी बेवफाई साथ चलती है।

मुझे किसी के बदल जाने का गम नही,
बस कोई था जिस पर खुद से ज्यादा भरोसा था।I

सफर में था जो साथी मेरा, वो बेवफा निकला,
दर्द का ये सिलसिला, अब तक नहीं रुका।

इस दुनिया में मोहब्बत काश न होती, तो सफर ऐ-ज़िन्दगी में मिठास न होती,
अगर मिलती बेवफा को सजाए मौत, तो दीवानों की कब्रे यूँ उदास न होती।

आईना भी क्या कहे, जब दिल टूटा आईने में,
बेवफाई की चोट से, हर तस्वीर अधूरी लगे।

मुझे अपनी गली में दफन मत करो और फिर मुझे मार डालो
लोगों को मेरे पते से आपका घर क्यों मिला.

तू वफ़ा की तलाश में निकला था,
मगर हर चेहरा यहाँ बेवफाई का आईना निकला।

वो मिली भी तो क्या मिली बन के बेवफा मिली,
इतने तो मेरे गुनाह ना थे जितनी मुझे सजा मिली।

कभी मिले फुरसत तो इतना जरूर बता देना,
वो कौन सी मोहब्बत थी जो हम तुम्हे न दे सके।

फोन में नंबर सेव है मगर बात नहीं होती
तुझे याद ना करू ऐसी कोई रात नहीं होती

याद हैं मुझे आज भी उसके आखिरी अल्फाज़,
जी सको तो जी लेना वरना मर जाओ तो बेहतर है।

जिनमें वफ़ा के मोती चमके
यकीन मानिए वो आंखें बेवफा निकलीं.

बहुत अजीब हैं ये मोहब्बत करने वाले,
बेवफाई करो तो रोते हैं और वफा करो तो रुलाते हैं।

मैं तेरी ज़िंदगी से चला जाऊं ये तेरी दुआ थी,
तेरी हर दुआ कबूल हो ये मेरी दुआ थी।

इस कहानी को ख़त्म करने के लिए एक झटका और लगाओ
ऐ कातिल हमें सिसकते हुए मत छोड़ो.

काश तुम्हें तुम्हारे जैसा कोई मिल जाए
प्रतिवादी हम प्रतिशोध के भाव से हैं.

यूँ है सबकुछ मेरे पास बस दवा-ए-दिल नही, दूर वो मुझसे है पर मैं उस से नाराज नहीं,
मालूम है अब भी मोहब्बत करता है वो मुझसे, वो थोड़ा सा जिद्दी है लेकिन बेवफा नहीं।

मोहब्बत और बेवफाई का खेल

क की दास्तां लिखूंगा मैं, इन होठों को हंसाने से लेकर इन आंखों को
रुलाने तक की रेनुमा लिखूंगा मैं, तुझे भी आरजू होगी बार-बार पढ़ने की,
कुछ शायरी इस तरह लिखुंगा मैं।

जमाने की बेवफाई का जिक्र किया गया
तो आपका आइडिया आ गया.

मेरी निगाहों में बहने वाला ये आवारा से अश्क
पूछ रहे है पलकों से तेरी बेवफाई की वजह।

हमें तो कब से पता था की तू बेवफ़ा है !
तुझे चाहा इसलिए कि शायद तेरी

रुशवा क्यों करते हो तुम इश्क़ को, ए दुनिया वालो,
मेहबूब तुम्हारा बेवफा है, तो इश्क़ का क्या गनाह।

बेवफा तेरे ख्यालों में, दिन-रात डूबा रहता हूं,
तेरी याद में, अपना सब कुछ भूला बैठा हूं।

तेरी बेवफा यादों के साये, दिल को घेरे हैं,
तू नहीं है साथ, पर तेरी यादें दिल को तेरे हैं।

मोहब्बत की वो गलियां, अब सुनसान पड़ी हैं,
तेरी बेवफाई ने, इश्क को भी शर्मसार किया है।

मरने की चाहत आज जाग गयी मेरे दोस्त
मैंने उसका हाथ किसी के हाथ में देखा.

हम तो जल गए उस की मोहब्बत में मोम की तरह…
अगर फिर भी वो हमें बेवफा कहे तो उसकी वफ़ा को सलाम..

क्या जानो तुम बेवफाई की हद दोस्तों,
वो हमसे इश्क सीखती रही किसी ओर के लिए।

चला था ज़िक्र ज़माने की बेवफ़ाई का
सो आ गया है तुम्हारा ख़याल वैसे ही

कैसे बुरा कह दूं तेरी बेवफाई को,
यही तो है जिसने मुझे मशहूर किया है।

दिल का दर्द, लबों पर नहीं आता,
तेरी बेवफाई में, दिल रोज जलता जाता।

तेरी बेवफा दुनिया में, हम ना कभी खुश थे,
दर्द का ये कारवां, तेरे बिना भी चलता रहा।

मत रख हमसे वफा की उम्मीद ऐ सनम, हमने हर दम बेवफाई पायी है,
मत ढूंढ हमारे जिस्म पे जख्म के निशान, हमने हर चोट दिल पे खायी है।

बेवफाई की तमाम किताबों में
आपके जैसा कोई उदाहरण नहीं है.

हमारी तबियत भी न जान सके हमे बेहाल देखकर,
और हम कुछ न बता सके उन्हें खुशहाल देखकर।

इक अजब हाल है कि अब उस को
याद करना भी बेवफ़ाई है

नहीं शिकवा मुझे कुछ बेवफ़ाई का तिरी हरगिज़
गिला तब हो अगर तू ने किसी से भी निभाई हो

वहाँ केवल एक ही पाया जाना था
ऐसा बछड़ा फिर कभी नहीं मिला.

एक जरा सी भूल खता बन गई, मेरी वफा हो मेरी सजा बन गई,
दिल दिया और खेल कर तोड़ दिया उसने, हमारी जान गई और उनकी अदा बन गई।

दर्द भरी बेवफा शायरी

तेरा ख्याल दिल से मिटाया नहीं अभी,
बेवफ़ा मैंने तुझको भुलाया नहीं अभी।

रो पडा वो फ़क़ीर भी मेरी हाथो की लकीर देखकर
बोला तुझे मौत नहीं किसी की याद मारेगी !!

इस क़दर मुसलसल थीं शिद्दतें जुदाई की
आज पहली बार उस से मैं ने बेवफ़ाई की

उन्हें एहसास हुआ है इश्क़ का हमें रुलाने के बाद, अब हम पर प्यार आया है दूर चले जाने के बाद,
क्या बताएं किस कदर बेवफ़ा है यह दुनिया, यहाँ लोग भूल जाते हैं किसी को दफनाने के बाद।

टूटा हुआ विश्वास, दिल में दर्द का कारण बना,
बेवफा, तेरे जाने से, जिंदगी अधूरी रह गई।

बेवफा की छाया में, जिंदगी कटती रही,
तेरी बेवफाई में, हर खुशी खोती रही।

दिल भी तोड़ा तो सलीक़े से न तोड़ा तुम ने
बेवफ़ाई के भी आदाब हुआ करते हैं

ऐ दोस्त कभी ज़िक्र-ए-जुदाई न करना, मेरे भरोसे को रुस्वा न करना,
दिल में तेरे कोई और बस जाये तो बता देना, मेरे दिल में रहकर बेवफाई न करना।

वो बेवफा है, ये जानते हुए भी उसे चाहा,
इश्क में ये दिल अक्सर खुद से ही हारा।

मेरे बुरे समय में कुछ दोस्त मेरी कमिया गिना रहे हैं
होकर मतबी वे दुसरो से दोस्ती निभा रहे हैं !!

मेरे अलावा उसे ख़ुद से भी मोहब्बत है
और ऐसा करने से वो बेवफ़ा नहीं होती

इस जहां में कोई नहीं बचा ऐतबार के काबिल,
दोस्त धोखा दे जाते हैं अब तो झूठे प्यार के खातिर !

बेवफ़ाओं की महफ़िल लगेगी ऐ दिल-ए-जाना,
आज ज़रा वक़्त पर आना मेहमान-ए-ख़ास हो तुम।

दुनिया बहुत रंगीन है मेरे दोस्त.
हर रोज़ कोई न कोई अपना रंग दिखाता है..

वफ़ा की ख़ैर मनाता हूँ बेवफ़ाई में भी
मैं उस की क़ैद में हूँ क़ैद से रिहाई में भी

जब दोस्त ही शमील हो दुश्मन की चाल में
तब शेर भी उलझ जाता है बकरी के जाल में !!

तू बेवफा सही, पर मेरा प्यार तो सच्चा था,
तेरे जाने के बाद ये दिल बस टूटा ही रहा।

बेवफ़ाई का मुझे… जब भी ख़याल आता है,
अश्क़ रुख़सार पर आँखों से निकल जाते हैं।

मेरे ब’अद वफ़ा का धोका और किसी से मत करना
गाली देगी दुनिया तुझ को सर मेरा झुक जाएगा

बेवफा तेरा नाम सुनकर भी, दिल धड़कता है मेरा,
तेरी बेवफाई में भी, मेरे इश्क का फसाना बसा।

दिल में जो आग थी, वो अब राख हो गई
तेरी बेवफाई मेरी पहचान बन गई।

एक ही शख़्स था जिंदगी में मेरी,
जिसपर मैंने खुद से ज्यादा यकीन किया था, किस्मत तो देखिए मेरी

बेवफाई की यादें और टूटे रिश्ते

दुनिया में मैं अपनी कमी छोड़ जाऊंगा, राहों पर इंतजार की लकीर छोड़ जाऊंगा,
याद रखना एक दिन मुझे ढूंढते फिरोगे, आँखों में आपके मैं नमी छोड़ जाऊंगा।

मुझे बेवफाई का अफसोस नहीं है
कुछ ही लोग थे जिन्हें बड़ी उम्मीदें थीं.

दिल में दर्द हो तो दवा खा लेना
जब आपका दिल दुखता है तो आप क्या करते हैं.

काश कि हम उनके दिल पे राज़ करते, जो कल था वही प्यार आज करते,
हमें ग़म नहीं उनकी बेवफाई का, बस अरमां था कि…
हम भी अपने प्यार पर नाज़ करते।

तुम किसी के भी हो नहीं सकते
तुम को अपना बना के देख लिया

काम आ सकीं न अपनी वफ़ाएँ तो क्या करें
उस बेवफ़ा को भूल न जाएँ तो क्या करें

आरजू होनी चाहिए किसी को याद करने की, लम्हें तो अपने आप ही मिल जाते हैं,
कौन पूछता है पिंजरे में बंद पंछियों को, याद वही आते हैं जो उड़ जाते हैं।

ये क्या कि तुम ने जफ़ा से भी हाथ खींच लिया
मिरी वफ़ाओं का कुछ तो सिला दिया होता

गिला लिखूँ मैं अगर तेरी बेवफ़ाई का
लहू में ग़र्क़ सफ़ीना हो आश्नाई का

दिल में आने का तो रास्ता होता है पर जाने का नहीं
इसके लिए जब भी कोई इंसान जाता है दिल तोड़ कर ही जाता है

वो दिन याद आते जब तू कहती मोहब्बत है
अब वो दिन याद आते हैं जब तू बेवफा है।

तेरी बेवफाई ने मेरा ये हाल कर दिया है,
मैं नहीं रोती, लोग मुझे देख कर रोते है।

भरोसा जितना कीमती होता है,
धोखा उतना ही महंगा हो जाता है।

आज हम उनको बेवफा बताकर आए हैं, उनके खतो को पानी में बहाकर आए हैं,
कोई निकाल न ले उन्हें पानी से.. इस लिए पानी में भी आग लगा कर आए हैं।

हम ने तो ख़ुद को भी मिटा डाला
तुम ने तो सिर्फ़ बेवफ़ाई की

जाओ भी क्या करोगे मेहर-ओ-वफ़ा
बार-हा आज़मा के देख लिया

ये मोहब्बत के हादसे अक्सर दिलों को तोड़ देते हैं,
आप मंजिल की बात करते हो लोग राहों में छोड़ देते हैं।

वही तो मरकज़ी किरदार है कहानी का
उसी पे ख़त्म है तासीर बेवफ़ाई की

उमीद उन से वफ़ा की तो ख़ैर क्या कीजे
जफ़ा भी करते नहीं वो कभी जफ़ा की तरह

गहराई प्यार में हो तो बेवफाई नहीं होती, सच्चे प्यार में कहीं तन्हाई नहीं होती,
मगर प्यार ज़रा संभल कर करना मेरे दोस्त, प्यार के ज़ख्म की कोई दवा नहीं होती।

Zoya’s Emotional Ending

कभी लगता है कि बेवफाई ने हमें तोड़ दिया,
पर सच ये है कि उसी बेवफाई ने हमें खुद से मिलवा दिया।
अब मैं जान चुकी हूँ – मोहब्बत सिर्फ़ सच्चे दिल वालों के लिए है,
बाकी तो बस खेल खेलते हैं।

Main Zoya hoon…
पिछली बार मैंने “Best 50+ Love Marriage Shayari” लिखी थी, aur aaj bhi dil ke zख्मों से लहूलुहान होकर तुम्हारे साथ अपनी शायरी बाँट रही हूँ।

अगर तुम्हारा दिल भी टूटा है, तो याद रखना –
तुम अकेले नहीं हो, तुम्हारी कहानी मेरे अल्फ़ाज़ में भी छुपी है।

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