Best 30+ I Hate Love Shayari – जब मोहब्बत से नफ़रत होने लगती है…
कभी-कभी नफ़रत भी वहीं से शुरू होती है जहाँ सबसे ज़्यादा मोहब्बत की गई थी। कभी किसी को इतना चाहा कि खुद को भूल गए… और फिर जब वही शख़्स पराया लगने लगा, तो दिल ने कसम खा ली — अब नहीं, अब दोबारा किसी से प्यार नहीं। आज की पोस्ट “Best I Hate Love Shayari” पर है… पर यकीन मानो, ये नफ़रत भी किसी ठंडी दिल से नहीं निकली, ये तो उसी प्यार की राख से उठी है जिसने किसी को अंदर तक जला दिया।
जब मोहब्बत से थक चुके हो, तो नफ़रत भी राहत लगती है
कुछ इस अदा से निभाना है किरदार मेरा मुझको
जिन्हें मुहब्बत ना हो मुझसे वो नफरत भी ना कर सके !!!
इतना प्यार क्यो किया कभी कभी ये
सोच के खुद से नफरत हो जाती है.
वो बोली I Hate You मेरी कसम खाकर बोलने
को कहा तो पगली रोने लग गयी !!
नफरतें इश्क़ भी बड़ी की होती है उनसे, उनसे नफरत
दिखता है और, दिल ही दिल में प्यार करता है उनसे.,
कभी बैठेंगे फुरसत में खुदा के सामने और पूछेंगे,
वो कौनसी मोहब्बत थी जो हम अपने यार को दे ना सके.,
कल जो मशहूर थे हम आज मजबूर हो गए,
हम सब के दिलो में बसकर दुनिया से दूर हो गये.
कितनी भी शिद्दत से निभा लो तुम रिश्ते,
बदलने वाले बदल ही जाते है.
उनसे नफरत कुछ इस कदर होने लगी है
जैसे यह धड़कन अब मुझे छुटने लगी है..!!!
ये चिराग-ए-जान भी अजीब है, कि जला हुआ है अभी तलक
उसकी बेवफाई की आँधियाँ तो कभी की आ के गुजर गईं।
नफ़रतों के शहर में चालाकियों के डेरे है, यहाँ वो
लोग रहते है जो तेरे मुँह पे तेरे मेरे मुंह पे मेरे है।
हम उनको भी दुआ देते है,
जिनको हमारे नाम से भी नफरत है।
अगर छोड़ दूँ कलम तो तेरी यादें मर जायेँगी…!!
और अगर छोड़ दूँ तेरी यादों को तो मैं मर जाऊँगा
तेरे हर एक अक्स से नफरत होने लगी,
कुछ इस कदर हमें खुद से मोहब्बत होने लगी।
मेरे लबों पे आने वाली, मुस्कुराहट का पासवर्ड थे तुम,
तुमने खुद को इतना क्यूं बदल लिया.,
अभी तक समझ नहीं पाये तेरे इन फैसलो को ऐ खुदा..!
उसके हक़दार हम नहीं.. या… हमारी दुआओ में दम नहीं.
नफ़रत का मतलब बेवफ़ाई नहीं, बस टूटे यकीन की निशानी है
नफरत हो जाएगी तुझे खुद से मैं अगर
तुझसे तेरे ही अंदाज़ में बात करूं !!!
उसे जालिम ने हमें कुछ इस कदर दर्द दिया है
इश्क का रोग लगा कर हमें खुद से अलग किया है..!!!
तुझे प्यार भी तेरी औकात से ज़्यादा किया था,
अब बात नफरत की है तो नफरत ही सही।
दिलों में गर पली बेजा कोई हसरत नहीं होती,
हम इंसानों को इंसानों से यूँ नफरत नहीं होती.,
ना रहा कर उदास ऐ दिल, किसी बेवफा की याद में वो,
खुश है अपनी दुनिया में, मेरा सब कुछ उजाड़ के.
प्यार में गुस्सा और नाराजगी वही करता है
जो आपसे बेइंतहा मोहब्बत करता है..!!!
हम उनको भी दुआ देते है
जिनको हमारे नाम से भी नफरत है !!
हमने तो लोगों को सच्चा प्यार भी भूलते देखा है,
मुझसे तेरा झुटा प्यार भी नहीं भुलाया जाता.,
ना सच्चा यार मिला ना सच्चा प्यार मिला,
इस मतलबी दुनियाँ मे ना ही कोई वफादार मिला.
तुम ना ही मिलते तो अच्छा था,
बेकार में मोहब्बत से नफरत हो गयी।
तुने जो किया गुनाह हम तुझे माफ ना करेंगे, अगर मिल भी
गये किसी और जनम मे, हम तब भी तुमसे बात ना करेंगे.
समझ नहीं आता किस पर भरोसा करू, यहाँ तो
लोग नफरत भी करते है प्यार की तरह।
हमें बर्बाद करना है तो हमसे प्यार करो,
नफरत करोगे तो खुद बर्बाद हो जाओगे.,
नफरतों के लिए यहाँ वजह ढूंढी जाती है,
बिना किसी वजह सिर्फ मोहब्बत होती है.,
न रहा कर उदास ऐ दिल किसी बेवफा की याद में
वो खुश है अपनी दुनिया में! तेरा सब कुछ उजाड़ के ।
नफरत हो जाएगी तुझे खुदसे, मैं अगर
तुझसे तेरे ही अंदाज़ में बात करूं।
कभी जो हम से प्यार बेशुमार करते थे कभी जो हम पर जान निसार करते थे
भरी महफ़िल में हमको बेवफा कहते हैं जो खुद से ज़्यादा हमपर ऐतबार करते थे।
जब “आई हेट लव” बन जाता है दिल का नया मंत्र
हम ही पत्थर के हो गये ये सोच कर कि जिंदगी तो फूल
बनेगी नही इसीलिए हम भी कांटों की तरह तेज हो गये.!!
ज़माना वो भी था जब तुम खास थे
ज़माना ये भी है कि तेरा ज़िक्र तक नहीं।
मैंने उसे कहा था कि मैं रूठ जाऊं तो मुझे मना लेना
उसने दिल तोड़कर मुझे गम थमा दिया.!!
मेरे चेहरे की हंसी हो तुम मेरे दिल की हर ख़ुशी हो तुम मेरे होंठो की मुस्कान
हो तुम धड़कता है मेरा दिल जिसके लिए वो मेरी जान हो तुम !!
तुम से जो मोहबत थी ना,
अब वो नफरत में बदल गयी है।
नफरत की बाजार मे हम मोहब्बत बेचते है,
कीमत के नाम पर सिर्फ दुआ लेते है.
काश कोई मुस्कान को भी आंसुओं की तरह समझ पाता काश
कोई हसीन बातो में भी दिल के जज्बातो को समझ पाता.!!
तु भी आइने की तरह बेवफा निकली
जो भी सामने आया तु उसी की हो गयी !!
उसकी नफरतो को धार किसने दि,
मोहब्बत के हाथो तलवार किससे दि.
आँशु जानते हैं कौन अपना हैं, तभी अपनो के आगे निकलते है,
मुकुराहट क्या हैगैरो से भी वफ़ा कर लेती हैं.
तुम नफरत का धरना कयामत तक जारी रखो,
मैं प्यार का इस्तीफा ज़िन्दगी भर नहीं दूंगा।
नफरत को मोहब्बत की आँखों में देखा बेरुखी को उनकी अदाओं में देखा
आँखें नम हुईं और मैं रो पड़ा. जब अपने को गैरों की बाहों में देखा।
जिन फूलों को संवारा था हमने अपनी मोहब्बत से!
हुए खुशबू के काबिल तो बस गैरों के लिए महके।
तेरी नफरतों को प्यार की खुशबु बना देता,
मेरे बस में अगर होता तुझे उर्दू सीखा देता.,
लेकर के मेरा नाम वो मुझे कोसता है,
नफरत ही सही पर वो मुझे सोचता तो है.,
चला जाऊँगा मैं धुंध के बादल की तरह, देखते रह जाओगे मुझे पागल की तरह,
जब करते हो मुझसे इतनी नफरत तो क्यों, सजाते हो आँखो में मुझे काजल की तरह.,
मैं ज़ोया हूँ… पिछली बार मैंने “Best Police Love Shayari” में वर्दी की मोहब्बत लिखी थी, और आज “I Hate Love Shayari” में उस दिल की कहानी लाई हूँ कभी-कभी नफ़रत करना ज़रूरी होता है — प्यार से, यादों से, और खुद के पुराने हिस्से से। क्योंकि जब दिल बहुत टूट चुका हो, तो उसे आराम चाहिए, न कि नए वादे या झूठे सुकून। “I Hate Love” कहना किसी की कमजोरी नहीं, बल्कि ये एक इकरार है — कि अब दिल बस खुद के लिए धड़केगा।


