Love Care Shayari Hindi – जब प्यार में फिक्र इबादत बन जाए
कभी-कभी न, Love Care Shayari सिर्फ लफ़्ज़ नहीं होते… वो किसी की परवाह का एहसास होते हैं। जब कोई बिना बोले तुम्हारी आँखों की थकान समझ जाए, जब कोई तुम्हारे “ठीक हूँ” कहने के पीछे का दर्द पकड़ ले… तो वही असली मोहब्बत होती है। प्यार में फिक्र एक अलग ही सुकून देती है — जैसे किसी ने दिल से कहा हो, “तुम थक गए हो न? अब थोड़ा आराम कर लो…” आज की इस पोस्ट में, मैं उन लम्हों के बारे में लिख रही हूँ जहाँ प्यार और केयर एक-दूसरे में घुल जाते हैं — जहाँ शब्द कम, एहसास ज़्यादा होते हैं।
जब मोहब्बत में परवाह खुद एक दुआ बन जाती है
तेरी हंसी में ही मेरी जान बसती है
तू पास हो तो हर ख़ुशी अपनी लगती है
मेरे दिल और होंठों पे बस ये दुआ रहती है, हर लम्हा हर घड़ी आप की परवाह रहती है,
ऐ खुदा… हर ख़ुशी.. हर सुख बख्शे आपको, हर पल.. हर दुआ में यही गुज़ारिश रहती है।
तेरी आँखों में बसता है मेरा जहाँ
तेरी मुस्कान से ही शुरू होता है मेरा जहाँ
तू मेरी धड़कन, तू मेरी ज़िन्दगी है
तेरे साथ हर लम्हा किसी दुआ की पूर्ति है
दिल की किताब में गुलाब उनका था, रात की नींद में ख्वाब उनका था,
कितना प्यार करते हो जब हमने पूछा, मर जायंगे तुम्हारे बिना ये जबाब उनका था……!!!
तेरे हुस्न को परदे की ज़रुरत ही क्या है, कौन
होश में रहता है तुझे देखने के बाद…….!!!
बदल जाओ वक्त के साथ या फिर वक्त बदलना सीखो
मजबूरियों को मत कोसो हर हाल में चलना सीखो
सुना है आज समंदर को बड़ा गुमान आया है,
उधर ही ले चलो कश्ती जहां तूफान आया है।
काश कोई और भी हमारी फ़िक्र करता, तो ये जमाना भी हमें रुसवा न करता,
काश हमें भी आता आप जैसा मुस्कुराना, तो हमसे भी किसी ने प्यार किया होता।
हमारी तडप तो कुछ भी नहीं है हुजुर, सुना है
कि आपके दिदार के लिए तो आइना भी तरसता है……!!!
चेहरे पर हँसी छा जाती है, आँखों में सुरूर आ जाता है,
जब तुम मुझे अपना कहते हो, अपने आप पर ग़ुरूर आ जाता है।
मैं दुनिया से रुखसत हो जाऊ तो जला देना, लेकिन उससे पहले मेरा दिल निकाल लेना,
मुझे फ़िक्र नहीं इस दिल के जल जाने की, मुझे फ़िक्र है तो इस दिल में रहने वाले की।
तेरे होंठों की मुस्कान मेरी आदत बन गई,
तेरे ग़म की फिक्र मेरी इबादत बन गई।
मैं वहां जाकर भी मांग लूं तुझे,
कोई बता दे कुदरत के फैसले कहां होते हैं !
दिल मे चाहत के दिये जलते रहेगे, आँखों से मोती निकलते रहेगे,
तुम शमा बन कर दिल में रोशनी जगाओ, हम मोम की तरह पिघलते रहेंगे।
फिक्र से गहरी कोई ज़ुबान नहीं होती
तेरे हर हाल की खबर रखता हूँ मैं, तू उदास हो जाए तो डर रखता हूँ मैं।
प्यार को नाम देने की जरूरत क्या है, तेरे लिए तो खुद में ही असर रखता हूँ मैं।
क़यामत टूट पड़ती है ज़रा से होंठ हिलने पर,
जाने क्या हस्र होगा जब वो खुलकर मुस्कुरायेंगे
तेरे साथ चलना ही मेरी सबसे बड़ी जीत है
तेरे बिना ये दिल अधूरा और वीरान सा है
पल-पल तुझसे जुड़ने का एहसास मीठा है
तेरे बिना तो हर रंग अधूरा और फीका है
मुझे परवाह नहीं है अपने पैरों के छालों की,
मुझे परवाह है तो बस आपको मंजिल तक पहुँचाने की।
तेरी धड़कनों में ही मेरी धुन बसती है
तेरे बिना ये ज़िन्दगी अधूरी सी लगती है
पूछते थे ना कितना प्यार है हमें तुम से,
लो अब गिन लो… ये बूँदें बारिश की
पहली मुलाकात थी और हम दोनों ही बेबस थे,
वो अपनी जुल्फें न संभाल पाए और हम खुद को
दिलो जान से करेंगे हिफ़ाज़त तेरी, बस एक
बार तू कह दे कि, मैं अमानत हूं तेरी
मुझसे जब भी मिलो तो नज़रें उठा के मिला करो,
मुझे पसंद है अपने आप को तेरी आँखों में देखना
तू अपनी जिंदगी में मुश्किलों की परवाह न कर,
हम तेरा साथ निभाएँगे मरते दम तक।
चला गया वो जमाना.. कहें तो किससे कहें,
परवाह दिल को मेरे सुबह शाम किसकी थी।
कौन कैसा है.. ये ही परवाह रही ता-उम्र,
हम कैसे है.. ये कभी भूलकर भी सोचा नहीं।
ऐ मोहब्बत तुझे पाने की कोई राह नहीं,
शायद तू सिर्फ उसे ही मिलती है जिसे तेरी परवाह नहीं।
मै उसको चाँद कह दू ये मुमकिन तो है,
मगर… लोग उसे रात भर देखें ये मुझे गवारा नहीं
तुझसे मोहब्बत है, पर इज़हार नहीं कर पाया
तेरे बिना जीना सीखा भी नहीं और जी भी नहीं पाया
जब प्यार जताने की ज़रूरत नहीं रहती
तेरी मुस्कान मेरी जान ले जाती है
पर तेरा खामोश रहना मुझे रुला जाता है
कुछ खास नहीं इन हाथों की लकीरों में,
मगर तुम हो तो एक लकीर ही काफी है
दोनों जानते है के, हम नहीं एक-दूसरे के नसीब में,
फिर भी मोहब्बत दिन-ब-दिन बे-पनाह होती जा रही है
तुझे पाने की चाहत में सब कुछ हार गया हूँ
तेरी ख़ुशी में ही अपनी जानवार गया हूँ
तू किसी और की हो जाए तो क्या होगा
मेरा दिल तो वहीं टूट कर रह जाएगा
हमारे बिन अधूरे तुम रहोगे, कभी ना चाहा किसी ने खुद तुम कहोगे, हम ना होंगे
तो ये आलम ना होगा, मिलेंगे बहुत से पर हम सा कोई हमसा पागल ना होगा ।
मिलते हैं शब-ओ-रोज़ सभी लोग शनासा
एक तुमसे मुलाक़ात का अरमान बहुत है…!!
पास आ जाओ ज़रा के तुम्हारे बिना जीना मुश्किल है,
दिल को सिर्फ तुमसे नही तुम्हारी हर अदा से प्यार है।
जिसे चाह कर भी पा न सके वही सच्चा प्यार है
तेरे बिना जीना मेरे लिए सबसे बड़ा इम्तिहान है
रोक लेता हूँ तो कहती है कि जाने दो मुझे..!
जाने देता हूँ तो कहती है यही चाहत थी..!
बाँध लें हाथ पे, सीने पे सजा लें तुमको जी में आता है कि तावीज़ बना लें तुमको
इस क़दर टूट के तुम पे हमें प्यार आता है अपनी बाँहों में भरें, मार ही डालें तुमको
क्यू बार बार ताकते हो शीशे को,
नज़र लगाओगे क्या मेरी इकलौती मुहब्बत को
एक तू है जो मेरी परवाह नहीं करती..ऐ सनम,
एक मैं हूँ जो हर लम्हा परेशान हूँ तेरे लिए।
सुनो कि अब गुलाब देंगे गुलाब लेंगे
मोहब्बतों में कोई ख़सारा नहीं चलेगा
शान से हम तेरे दिल में रहेंगे, तेरी मोहब्बत पे जान निसार करेंगे,
देख के जलेंगी हमे दुनिया सारी, इस कदर बे-पनाह तुझे प्यार करेंगे
मैं ज़ोया हूँ…
पिछली बार मैंने “College Love Shayari” पर लिखा था, जहाँ मोहब्बत की शुरुआत थी, और आज मैंने “Love Care Shayari Hindi” में उसकी गहराई दिखाने की कोशिश की है। प्यार की फिक्र को कभी हल्के में मत लेना… वो इंसान जो तुम्हारे लिए छोटी-छोटी बातों पर परेशान होता है, वो ही असली मोहब्बत करता है। क्योंकि जो सच में तुम्हारा होता है न, वो तुम्हें खोने की बात सोचकर भी डर जाता है।


