Best Chhattisgarhi Love Shayari – वो सच्चा प्यार, जो मिट्टी की खुशबू में बसता है
कभी-कभी ना, प्यार शहरों की रोशनी में नहीं… गाँव की मिट्टी में ज्यादा सच्चा लगता है। वही सादगी, वही मुस्कान, और वो भोली सी बोली – Chhattisgarhi love shayari की जान भी तो यही है। उस प्यार में दिखावा नहीं, बस अपनापन होता है… वो जो दिल से बोले, आँखों से मुस्कुराए और हर बात में “मोर तोर” का एहसास दे जाए।
छत्तीसगढ़ी इश्क़ की मिठास – बोली में भी प्यार का एहसास
अगर टाइटेनिक मूवी छत्तीसगढ़ी म बनतीस त ओखर नाव
होतिस डोंगा बुडगे पानी म, मयारू मरगे जवानी म!!!
काश मोर गर्लफ्रेंड का पता होतीस कि मय ओखर
बाॅयफ्रेंड अव आई मीस यू फलानीन….!!!
बिना मयारू के का जीना , कुछु मजा नई हे जिनगी के कहानी म |
वो मया मया नो हय , जेमा कभू ख़ुशी त कभू आंखी न डूबय पानी म ||
तोर बिना लगथे मन मं अधूरापन,
जइसे बग़ैर पानी के दरिया।
मया तो वो हावै जिहाँ भरोसा हो,
बाकी सब त सिरिफ़ दिखावा होथे।
केप्सूल खा के बनाये बाॅडी, जमीन बेचके आये पइसा, फेसबुक म उपजे प्रेम, अउ व्हाट्सएप
म मिले ग्यान, कभू नई टिकय चाणक्य के कका ससुर हर कोरा कागज म लिखे हे…..
तैं हँस देस तो लगथे पूरा
गाँव उजियारा हो गेय।
मं तोर आँख मं अपन दुनिया देखथौं,
बाक़ी सब तो सपना जइसन लागथे।
हाथ म हाथ रख के ,आ दुनों झन एक सौदा कर ली |
थोरकन तै आघू आ थोरकन मैं आघू आहूँ ,आ दुनों झन
सब्बो काम उत्ता धुर्रा निपटा के, खटिया म हाथगोड पसार के…..
मोबाइल चलाये के सुख अउ कोनो काम म नई हे!!!
झन मन म मया के सवाल रखे कर , झन हिरदे म कुछु बवाल रखे कर |
मैं खयाल रखथौ ,तहूँ तो अपन ख़याल रखे कर ||
तोर मुस्कान हावै जइसे बिहान के पहिली किरन…
मं तैंला देख के रोज़ नया दिन बनाथौं।
तैं बोल दे एक बात सहीं,
मं तोर बर दुनियाँ छोड़ देहूं।
मैं तोला अब्बड़ मया, करथव रे पगली। फेर तै मोर ऊपर भरोसा तो कर, अऊ
नहीं त…झांक के देख ले।। अपन हिरदे म, तोरे नाम के गोदना गोदवाय हंव।।।
हमन छत्तीसगढ़ीया आन, हमन प्यार नहीं, मया करथन। कोई कुछू कहय…
फेर हमन अपन हिरदय के पीरा ला, हस के बया करथन।।
हमर मया ह ऊड़ही अगाश म, चिराई बनके। सब के हिरदे म रहिबो, तिलाई बनके।।
कोई मानय या झन मानय, कोई देखय के झन, फेर हमन अगाश म रहिबो दुनो झन… तराई बनके।।।
देसी प्यार, सच्चा एहसास – जब नजरें बोलती हैं दिल की बात
कुछ देर अगोरे के बाद मिलिस , तोर मया यार मोला मिलिस |
तोला पाए के बाद कोई सपना नई हे , काबर सबले अनमोल तोर मया मोला मिलिस ||
कोखरो मया मोर हिरदे म अइसे उतर जाथे |
ओला कहूँ दिल से निकालबे त जीव छुट जाथे ||
तोर बिना लागथे जीवन सुना,
जइसे सावन बिन बरखा।
तैं आके मन के कचरा साफ़ कर देस,
अब तोर नामच बचे हवय हृदय मं।
भगवान से बस तोर ख़ुशी मागथौ , प्रार्थना म बस तोर हसी मांगथौ |
सोचथौ काम मांगव तोर से ,बस जियत संगी साथी मांगथौ ||
मेरा दिल तुझसे मिलने को
लउहा-लउहा कर रहा है….
तोला देखे बर मन रहि जाथे, तोर बात ला सुने बर कान तड़प जाथे,
का बतावं तोर मया कते गहिर हे, मोर धड़कन घलो अब तोर नाम गाथे…
रेमट ल तो सब झन कभू न कभू लीले हे….
अउ छिरकबे त छि कहिथे…..वाह रे
ना फूल चाही, ना कोई gift, तोर एक मुस्कान, वही मोर shift.
मोर जिनगी के हर दिन मा, तोर नाम लिखे हे दिल के lift…
कभू आवाज दे के देख दउड़ के आहूँ |
तोर हिरदे हे मोर बसेरा ,तोला छोड़ के कहां जाहूँ ||
मया तो तब सुघर लागथे,
जब मन के साफ़ रहिथे।
तैं मोर जिनगी के वो हिस्सा हावस,
जिहाँ बिना तोर सब अधूरा लगथे।
देख के हसे के कोई मोल नई होवय , रिश्ता नाता के कोई टोल नई होवय |
कतको मिलही जिनगी के मोड़ म , फेर तोर कस अनमोल नई होवय ||
मं तोर हँसी बर जान दे सकथौं,
बस एक बार मुस्कुरा दे, मोर ज़िंदगी बन जाही।
तोर बात मं वो मिठास हावै,
जइसे माँ के हाँथ के गुलगुले।
तोर तरिया जइसे आखी म दुबे के मन करथे , तोला पाए खातिर बरबाद होय के मन करथे |
एक बार सोच लेव मन म अब नई रुकय तोर पाँव ,तोर मया म मरे के मन करथे ||
प्यार छत्तीसगढ़ी स्टाइल में – थोड़ा शरम, थोड़ा swag
तोर देखे बिन दिन अधूरा जाथे, मन करे हर पल तोर संग बात करे,
का करूँ अब मोर हालत देख, तोर मया मा मोर दिल पूरा डूब जाथे…
मं तोर बर रोज़ दूआ माँगथौं,
भगवान घलो थक गेय होही सुन-सुन के।
तोर नज़र जइसे मोर नसीब हावै,
एक बार मिले त पूरा दिन खिल जाथे।
जिनगी म रोज रोज सहारा मिलय नहीं , हर झन प्यार से प्यारा मिलय नहीं |
जेन मिल गे नसीब म संभाल के रख ,खोये के बाद प्यार दुबारा मिलय नहीं ||
मं तैंला अपन दिल मं राख लेहूं,
कोई आवे त मोर धड़कन रोक लेहूं।
तोर मया मं डूब गेय हवं,
अब तो साँस घलो तोर नाम लेथे।
मन के बात बताय ल आवय नहीं , जिनगी जिए ल आवय नहीं |
मया अतका हे तोर बर , पूछ झन बहाना आवय नहीं ||
तैं जइसे पगली हावस,
पर मोर दिल त सिर्फ़ तैं पे ही लट्टू हो गेय।
तोर बिन लागथे मोर दिन अधूरा,
रात बिन चाँद जइसे सूना।
आज कल सब डहर सुहाना नजर आथे , तोला देखे बिना चैन कहाँ आथे |
सब कथे मोला मया हो गे हे ,फेर तोर सुरता एको छड़ काहाँ जाथे ||
तैं मुस्कुरा दे बस,
मोर जिनगी बर वही काफी हावै।
तोर आँखी मा जो अपनापन हे, वो तोर बोल मा ना मिल पावे।
मोर दिल तो तोर नाम से भरे हे, अब कोई अउ देखे बर मन ना पावे…
तोर बिना मोला ओ ,कुछु भावय नहीं न, अन पानी कुछु
सुहावय मोला न ,रतिहा म सुरता सताथे मोला न ||
मोर रस्ता उहीं तक तैं हवस जीहाँ तक ,मोला दिखथे उहाँ तक तैं हवस जीहाँ तक |
ये संसार हे बहुत बड़े फेर मोर दुनिया उहाँ तक ,तैं हवस जीहाँ तक ||
पिछली बार मैंने “School Wala Love Shayari” लिखी थी — मासूम प्यार की कहानी, और आज मैं लायी हूँ “Chhattisgarhi Love Shayari” — मिट्टी से निकली मोहब्बत की सच्ची खुशबू। प्यार हर जगह एक जैसा नहीं होता, पर Chhattisgarhi love की बात ही अलग है। यहाँ मोहब्बत दिल से शुरू होती है और उसी में बस जाती है। शायद इसलिए ये प्यार दिखता कम है, महसूस ज़्यादा होता है… मुझे लगता है, सच्चा प्यार वही है — जो गाँव की शाम में, महुआ की खुशबू में, और किसी के भोले से मुस्कान में मिल जाए। Chhattisgarhi love shayari लिखते-लिखते खुद को भी वो बचपन वाला एहसास आने लगता है — जब बातें कम थीं, पर एहसास बहुत गहरे।


