Dhokebaaz Love Shayari

Dhokebaaz Love Shayari

Dhokebaaz Love Shayari

कभी-कभी न, प्यार में सबसे बड़ा घाव मोहब्बत से नहीं बल्कि धोखे से मिलता है। मोहब्बत तो दिल को जोड़ती है, लेकिन धोखा उस दिल को तोड़कर टुकड़े-टुकड़े कर देता है। Dhokebaaz Love Shayari उसी दर्द की आवाज़ है—जब कोई इंसान तुम्हें अपना सब कुछ मान ले और तुम उसे सिर्फ़ खेल समझ लो। सच कहूँ तो धोखा सिर्फ़ रिश्ते को नहीं तोड़ता, बल्कि इंसान के भरोसे को भी मार देता है। मैंने भी कभी वो अहसास जिया है… जब लगता था सामने वाला मेरी दुनिया है, और एक दिन पता चला कि वो दुनिया ही झूठ थी।

Dhokebaaz mohabbat ki shayari jo dil ka sach bataye

तुम क्या जानो बेवफाई की हद ए दोस्त,
वो हमसे इश्क सीखता रहा किसी और के लिए..।।

प्यार निभाने के लिए मैं हर वक्त झुकता रहा
और तुम इसे मेरी औकात समझ बैठी|

तुमसे मिली थी मोहब्बत की पहचान
तुमसे ही दिया धोखे का निशान|

दर्द से हाथ न मिलाते तो और क्या करते, गम के आंसू न बहते तो और क्या करते,
उसने मांगी थी हमसे रौशनी की दुआ, हम खुद को न जलाते तो बताओ और क्या करते..!!

दीवानगी का सितम तो देखो कि धोखा
मिलने के बाद भी चाहते है हम उनको

सच कहा था किसी ने, तन्हाई में जीना सीख लो।
मोहब्बत जितनी भी सच्ची हो, साथ छोड़ ही जाती है..।।

दिल में बसा के, वो हमें रुला गए, वफ़ा का वादा करके, वो हमें भुला गए।
हमने तो चाहा था उन्हें अपनी जिंदगी, पर वो हमें तन्हाई में, अकेला छोड़ गए।

कभी सोचा ना था वो ऐसे बदल जाएंगे,
प्यार के नाम पर यूँ जख्म दे जाएंगे।

दोस्ती में हम हर किसी को अपना बना लेते है,
इसीलिए तो हमारे अपने ही हमे धोखा देते है!

मत करो यहाँ हर किसी पे एतबार, ये मतलबी दुनिया है
जनाब यहाँ हर कोई निकलता है गद्दार!

दिल में छुपाए थे जो राज़ गहरे, वही निकले तेरे धोखे के चेहरे।
पीठ पीछे वार किया तूने ऐसे, अब कैसे करें हम तुझपे भरोसा?

जब दोस्त ही शामिल हो गद्दारों की चाल में,
फिर क्यों पड़ना दोस्ती के जाल में।

बड़ा गुरूर था हमें अपने यार की यारी पर,
बाद में अफ़सोस हुआ उसी यार की गद्दारी पर!

तेरी यादों की रात तेरी बातों की बात,
मेरे दिल की हर पल बस साथी है तेरी आंखें साफ..।।

कभी कभी इंसान न टूटता है, ना बिखरता है,
बस हार जाता है, कभी किसमत से तो कभी अपनो से..।।

Pyar mein dhokebaazi par dard bhari lines

तुम मोहब्बत की बात करते हो,
आजकल के लोग रिप्लाई भी शक्ल देखकर करते है..।।

धोखा खाकर भी हम मुस्कुरा रहे हैं
तुमसे मोहब्बत थी इसलिए निभा रहे हैं|

दिल में छुपा के रखते थे ज़हर, लबों पे थी हँसी,
हमने समझा था अपना, निकले वो बेईमान सभी।

हमारे दर्द को हमारा एटीट्यूड समझते हैं,
जो अंदर है उसे बस यूं ही नजरअंदाज कर देते हैं..।।

अब ये भी नहीं ठीक कि हर दर्द मिटा दें, कुछ दर्द तो कलेजे से लगाने के लिए हैं।
यह इल्म का सौदा ये रिसाले ये किताबें, एक शख्स की यादों को भुलाने के लिए है…।।

वो मुझसे बिछडकर अब तक रोया नहीं यारो,
कोई तो है हम दर्द जो उसे रोने नही देता..।।

हम दोनों ही धोखा खा गए हमने तुम्हे औरों
से अलग समझा और तुमने हमे औरों जैसा

पीठ पीछे बोलने वाले सभी पराये नहीं होते,
कुछ अपने गद्दार दोस्त भी होते है!

इश्क़ में धोखा खा बैठे, दिल को यूँ जलाया हमने,
बिना बैटरी के मोबाइल को चार्जर से लगाया हमने!

कौन है इस जहाँ मे जिसे धोखा नहीं मिला
शायद वही है ईमानदार जिसे मौक़ा नहीं मिला !

जिस पर हम अपनी जान लुटाते रहे,
वो ही हमारे सपनों का कातिल निकला!

हारा हुआ सा लगता है वजूद मेरा
हर एक ने लूटा है दिल का वास्ता देकर !

फूलों की तरह दिखने वाले, काँटों सा चुभते हैं,
धोखेबाज़ों के चेहरे अक्सर, मासूम से लगते हैं।

दोस्ती का दिखावा करके, सब दूर हो गए
Need पड़ते ही, वही fake हो गए

वादे करके तोड़ दिया, कसमें खाकर मुकर गए,
धोखेबाज़ों का यही है काम, पल में बदल गए।

Bewafai aur dhokha par emotional shayari

मैं फिरसे उसी गहरे खामोशी के समंदर में जा पहुंचा,
जहा से मुद्दतों बाद खुद को आजाद किया था..।।

तुम्हारे लिए मोहब्बत मेरी इबादत थी,
पर तुम्हारे लिए मैं बस एक आदत थी।

धोखे की खामोशी ने इतना सिखा दिया,
अब किसी मुस्कान पर यक़ीन नहीं आता।

वफा मैंने नहीं छोड़ी मुझे इलज़ाम मत देना,
मेरा सबूत मेरे अश्क हैं मेरा गवाह मेरा दर्द है..।।

तुम्हें चाहा था बेइंतेहा,
और तुमने खेला था मेरे दिल से बेहिसाब।

धोखा तो दिया, पर सीख भी दे गए,
अब किसी पर इतना भरोसा नहीं करेंगे।

इश्क कभी झूठा नहीं होता,
झूठे तो कसमें वादे और इंसान होते है..।।

मोहब्बत की किताब में धोखे का नाम पढ़ा नहीं था,
तुमने आकर वो चैप्टर ज़िंदगी में खोल दिया।

बस मेरी एक आखरी दुआ कबूल हो जाए,
इस टूटे दिल से तेरी सारी यादे दूर हो जाए..।।

धोखा देने वाले तू एक दिन पछताएगा
जब तुझे भी कोई इसी तरह से रुलायेगा|

दोस्ती करो तो हमेशा मुस्कुरा कर,
किसी को धोखा ना देना अपना बना कर!

नशा शराब का हो या मोहब्बत का
जब यह उतरेगा तो तुम बर्बाद हो चुके होंगे..!!

धोखा देती है अक्सर मासूम चेहरे की चमक
हर काँच के टुकड़े को हीरा नहीं कहते|

ज़ख्म दिए ऐसे गहरे, जो कभी भर न पाएँगे,
धोखे की ये कहानी हम, किसी को न बता पाएँगे।

जो कहते थे हम हमेशा तुम्हारे साथ खड़े है,
जब मुसीबत आयी तो देखा उनके हाथ खड़े है।

खुले आम दुश्मनी कर लो
मगर दिखावे की दोस्ती ना करो|

वक्त बदलने के साथ साथ रिश्ते भी बदल जाते है,
जो कभी वफादार होते थे वो भी धोकेबाज़ बन जाते है।

भरोसे की नाव डूबी धोखे के पानी में,
अब किनारा भी दिखता नहीं जिंदगानी में।

चाहे जितने भी हों प्यारे, पर विश्वास का ना हो मन,
धोकेबाज़ दोस्तों से सजग रहना, यही है असली जीवन।

ख़ामोशी बेवजह नहीं होती
कुछ दर्द आवाज़ छीन लिया करते है|

न जाने किस मिट्टी के बने होते हैं धोखेबाज, पल भर में कर देते हैं प्यार को खाक।
हम तो निभाते रहे अपनी वफादारी, वो बदल गए जैसे बदलता है कोई लिबास।

Main Zoya hoon… पिछली बार मैंने Quotes Munawar Faruqui Shayari Love लिखी थी, और आज मैंने तुम्हें धोखे के दर्द को अल्फ़ाज़ में पिरोकर सुनाया… धोखे का दर्द उतना ही गहरा होता है जितना सच्चा प्यार। फर्क बस इतना है कि प्यार दिल में रौशनी भरता है और धोखा उसे अंधेरे में धकेल देता है। लेकिन शायद यही ज़िंदगी है—कुछ रिश्ते सिखाने के लिए आते हैं, रहने के लिए नहीं। Dhokebaaz Love Shayari लिखते वक्त मुझे एहसास होता है कि धोखा चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, इंसान को उससे ऊपर उठकर खुद को फिर से प्यार करना सीखना पड़ता है।

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