No Love Shayari
कभी तुम्हें भी ऐसा महसूस हुआ है… कि दिल तो है, धड़कन भी है, पर मोहब्बत नहीं? लोग कहते हैं इश्क़ ज़िंदगी को मुकम्मल कर देता है, लेकिन कई बार इंसान ऐसी जगह खड़ा होता है जहाँ उसे नो लव का सन्नाटा मिलता है। No Love Shayari उसी दर्द का नाम है, जब चाह कर भी किसी से जुड़ नहीं पाते, जब हर रिश्ता आधा-अधूरा लगता है और हर मुस्कान के पीछे एक ख़ालीपन छुपा होता है।
कभी-कभी लगता है कि मोहब्बत न होना भी एक किस्म की मोहब्बत है—खुद से जंग लड़ते रहना, और खुद को मनाते रहना कि “मैं अकेला भी काफी हूँ।” ये शायरी उसी तन्हाई और खालीपन की आवाज़ है।
No Love Shayari दर्द और अकेलेपन के लिए
इंसान की जिंदगी में एक वक्त ऐसा भी आता है
जब उसे अपने वफादार होने का पछतावा होता है ||
इश्क़ में धोखा खाया हूँ, अब प्यार से डरता हूँ,
किसी की मोहब्बत पे ऐतबार नहीं करता हूँ।
जो प्यार की कद्र ना करे, उससे मोहब्बत कैसी,
खुद को संभालो, किसी और की हसरत कैसी।
प्यार का नाम सुनते ही दिल काँप जाता है,
अब किसी से इश्क़ करने का ख्याल भी नहीं आता है।
मुझसे नहीं कटती यह उदास रातें
कल सूरत से कहूंगा मुझे लेकर डुबे ||
हमने मजाक में क्या कहा कि छोड़ दो मेरा
साथ वो झटक कर हमारा हाथ चल दिए.!!
काश तू पूछे मुझसे मेरा हाल-ए-दिल,
मैं तुझे भी रुला दू तेरे सितम सुना सुना कर…!
वो खुद एक सवाल बन के रह गया
जो मेरी पूरी ज़िन्दगी का जवाब था
किसी ने मेरे भरोसे को इस तरह तोड़ा है,
कि अब किसी पर भरोसा नहीं होता।।
जिसे सच्चे दिल से चाहा था,उसी ने हमें छोड़ दिया,
हमने तो हर लम्हा उसके नाम किया,पर उसने हमें ही भुला दिया|
कुछ किरदार से निकलती है वफादारी की महक,
वक्त का मारा हर इंसान बेईमान नही होता।
इश्क़ सच्चा था पर मुकद्दर बेवफा निकला, दिल अपना था
पर धड़कन किसी और की निकली, जिसे चाहा उसे जिंदगी
बना लिया, पर उसी ने हमें गैर समझ लिया|
पहली बरसात गिरी और कानों को बस इतना कह गयी।
गर्मी किसी की भी हमेशा नही रहती।
हमने चाहा जिसे अपनी जान से भी ज्यादा, उसी ने हमें तन्हा छोड़ दिया,
हमारी हर सांस में था जिसका नाम, उसी ने हमें बेगाना कर दिया|
लोहे की बेड़ियों से ज्यादा असर रखता है सिंदूर।
दो दिल बिना मर्जी के पूरी जिंदगी गुजार देते हैं।
मोहब्बत ना मिलने पर शायरी
जिसने भी इश्क़ किया, रोते हुए ही पाया,
हमने दूर रहकर, खुद को महफूज़ बनाया।
ना किसी की मोहब्बत चाहिए, ना किसी का साथ,
अकेले ही खुश हूँ, बस खुद पर है विश्वास।
तूने जो दिया वो दर्द ही सही,अब इसे भी गले से लगा लेंगे,
इश्क़ किया था दिल से तुझसे,अब तेरी यादों संग जीना सिखा लेंगे|
इश्क़ करने वाले अक्सर रोते हैं,
मैंने दूर रहकर सुकून से जीने की ठानी है।
ए-सनम जिक्र बेवफाई का जब भी आता है,
याद तुम्हारी आती है और आंखों से आंसू निकल जाते हैं ||
ख़फ़ा सब है मेरे लहजे से,
पर मेरे हाल से कोई वाकिफ नहीं।
वो जो प्यार करता है,, वो तो रोज मरता है,
जिंदगी वो जीता है शान से,,, जो दौलत से तिजोरी बरता है ||
किस मोहब्बत की बात करते हो दोस्त,
वो, जिसको दौलत खरीद लेती है
सिगरेट मत बनो की इस्तेमाल के बाद पैरो तले मसल दिए जाओ
नशा बनो की तुम्हे इस्तेमाल करने वाला तबाह हो जाये ||
ए नसीब जरा एक बात तो बता, तू सबको आज़माता है
या मुझसे ही दुश्मनी है।।
इस बारिश में गर तू साथ हो तो फिर क्या बात हो,
भीग जाऊ तेरे इश्क़ में, तो कुछ और बात हो।
फिर एक दिन वो लोग भी सो जाते है,
जिनको रात भर नीद नही आती…
सच्चे प्यार की यही तो सजा होती है,जिसे दिल से चाहो वही दूर होता है,
तड़पते रहते हैं उसी की यादों में,और वो किसी और के करीब होता है|
काश तुम पूछते सुकून कहाँ है ,
और हम निगाहे उठाकर तुम्हे देखते।
अधूरी मोहब्बत और नो लव का एहसास
प्यार में खुश रहने की गारंटी नहीं मिलती,
इसीलिए हमने इश्क़ से दूरी बना ली।
जिससे मोहब्बत की, उसने ही रुला दिया,
अब प्यार से बेहतर तन्हाई का सहारा लिया।
जिंदगी में प्यार भले ही ना हो ढेर सारा पैसा पास होना चाहिए
और ढेर सारा पैसा कमाने के लिए खुद पर विश्वास होना चाहिए ||
दिल को तसल्ली दी कि मोहब्बत जरूरी नहीं,
जो दर्द दे, वो चीज़ जरूरी नहीं।
प्यार बहुत ही बकवास है,,
इसे करने वाला अक्सर हमेशा उदास रहता है ।
सच्चे प्यार की कदर कहाँ है इस दुनियाँ में,
यहां हर कोई अपना फायदा सोचकर रिश्ता बनाता हैं ||
अब न खोलो मेरे घर के उदास दरवाज़े,
हवा का शोर मेरी उलझनें बढ़ा देता है।
तुम भी कर के देख लो मोहब्बत किसी से,
जान जाओगे कि हम मुस्कुराना क्यों भूल गए।
जिस शहर में दिन रात बरसती रहें आँखें
उस शहर को बारिश की ज़रुरत नहीं होती
मुझे नहीं फर्क पड़ता अब तेरे जाने से,
मेरे दिल के दर्द को तू कभी नहीं समझेगा|
तू नहीं था तो क्या हुआ,मुझे खुद पर पूरा भरोसा था,
दिल टूटा,पर मैंने कभी हार नहीं मानी|
जब दिल टूट जाता है,तो मनोबल भी टूट जाता है,
लेकिन फिर टूट कर भी मैं खड़ा रहता हूँ, यही मेरी ताकत है|
दवाई सस्ती कर दो साहब,
अब बेटे से पैसे मांगने में शर्म आ रही है।
उम्मीद है कि एक दिन बदलेगी जिंदगी।
बंजर जमीन पर भी घास उग आते है।
कभी तो खर्च कर दिया करो , खुद को मुझ पर।
ये तसल्ली तो रहे कि मामूली नही है हम।
अकेलेपन की सच्चाई बताती शायरी
इश्क़ से जितना बचोगे, उतना खुश रहोगे,
यह आग है, इसमें जलोगे तो राख रहोगे।
तेरा प्यार मेरी तक़दीर में था ही नहीं,
अब तेरी यादों से भी रिश्ता नहीं।
हजारों आशिक इश्क की खातिर इश्क के रास्ते पर फना हो गए,
इक मेरी मुहब्बत में न जाने क्या कमी रह गई वो बेवफा हो गई ||
लौट आती है हर बार दुआ मेरी खाली,
जाने कितनी ऊँचाई पर खुदा रहता है।
दिल को संभाल लिया है अब,
अब किसी से मोहब्बत करने की गुंजाइश नहीं।
हमने मजाक में क्या कहा छोड़ दो मेरा साथ,
वो झटक कर हमारा हाथ चल दिए ||
बहुत अजीब होती है ये मुहब्बत भी,
बेवफाई करो तो रोते हैं और वफा करो तो रुलाते हैं||
सुनी थी सिर्फ हमने ग़ज़लों में जुदाई की बातें,
आज खुद पर बीती तो हक़ीक़त का अंदाज़ा हुआ।
खामोशिया कर देती बयान तो अलग बात है,
खुछ दर्द है जो लफ्ज़ो में उतारे नहीं जाते।
तूने छोड़ दिया, पर मैं तो अपनी राह पर हूँ,
सच्चा प्यार तो खुद से ही होता है, बाकी सब फिजूल है|
तेरे बिना जीने की आदत डाल ली है,
अब तुझसे ज्यादा खुद से प्यार कर लिया है|
दिल टूटा है मगर अब कोई तकलीफ नहीं,
बस तेरी यादों से अब कोई शिकवा नहीं|
एक बार इश्क़ करके देखा,
अब जिंदगी भर उससे दूर रहने का फैसला किया।
दिल के जख्मों को भरने में वक्त लगेगा,
अब किसी से इश्क़ करने का ख्याल भी नहीं आएगा।
अब इश्क़ का नाम सुनते ही दिल सहम जाता है,
फिर से धोखा खाने का डर लगता है।
Main Zoya hoon… pichhli baar maine ‘Gulzar Love Shayari In Hindi 2 Lines’ likha tha, aur aaj tumhare liye ‘No Love Shayari’ ke jazbaat likh diye…प्यार न मिलना कभी-कभी दिल तोड़ देता है, लेकिन मैंने सीखा है कि नो लव भी हमें खुद से मिलाता है। मोहब्बत सिर्फ किसी और से नहीं, अपने आप से होना भी ज़रूरी है। शायद इसीलिए मैंने हमेशा शायरी में वो दर्द लिखा, जो कई लोग महसूस करते हैं पर कह नहीं पाते।


