प्यार और भक्ति… ये दोनों चीज़ें दिल से निकले तो इंसान के जीवन को बदल देती हैं। कहते हैं ना, जब हम किसी से सच्चा प्रेम करते हैं तो उसमें भी भगवान का अंश होता है। और जब भगवान शिव की बात आती है, तो उनकी महिमा और प्रेम दोनों ही अनोखे हैं। उनका “आर्धनारीश्वर” स्वरूप खुद ये बताता है कि प्रेम का सबसे पवित्र रूप शिव और पार्वती के संग में छिपा है।
कभी-कभी मुझे लगता है कि शिव सिर्फ एक देवता नहीं, बल्कि प्रेम का सबसे गहरा रूप हैं। उनकी जटाओं में बहता गंगा, उनकी तीसरी आँख की तपस्या, उनके कंठ में बसा ज़हर और उनके साथ बैठी माता पार्वती – ये सब हमें यही सिखाते हैं कि प्रेम सिर्फ पाने का नाम नहीं, बल्कि त्याग, समर्पण और धैर्य का नाम है।
शिव प्रेम शायरी जो दिल को भक्ति से जोड़ दे
राम उसका रावण भी उसका, जीवन उसका मरण भी उसका,
ताण्डव है और ध्यान भी वो है, अज्ञानी का ज्ञान भी वो है ।
जिनके रोम रोम में शिव है, वो ही विष पिया करते है,
जमाना उन्हें क्या जलायेगा, जो श्रृंगार ही अंगार से करते है।
हर हर महादेव !!
आपके नाम से ही मेरे ज़िन्दगी का सफर जारी है,
ग़लत राह पीकर ना जाउ मेरे भोलेनाथ ये आप की जिम्मेदारी है।
हाथ में है डमरू जिनके और साथ में है काला नाग
है जिसकी लीला अपरम्पार वो हैं मेरे भोले नाथ।
अद्भुत भोले तेरी माया अमरनाथ में डेरा जमाया
नीलकंठ में तेरा साया तू ही मेरे दिल में समाया।
भूखे को अन्न देते देते प्यासे को पानी
ऐसे है मेरे भोले बाबा औघढ़दानी।
महाकाल की शरण हमारा सम्मान है, बाबा
तेरी छत्रछाया से सब दुखों का निदान है
क्रोध में जो दिखते बड़े भयंकर हैं, डरता है
जिनसे सारा संसार, वो मेरे शंकर है
बदला है हर शख्स हमसे इस जहान में
इसलिए आ गए हम भोले के दरबार में
तांडव जिसकी लीला है, त्रिनेत्र जिसकी शान,
वही है भोलेनाथ, महाकाल महान।
जीवन की हर राह आसान हो जाती है,
जब दिल से महादेव की आराधना हो जाती है।
ना चाहूं सोना-चांदी, ना मांगूं कोई वरदान,
बस मेरी रग-रग में बसा रहे भोले का नाम।
जो महादेव को दिल से याद करता है,
उसका हर दर्द खुद शिव अपने सिर ले लेते हैं।
खुल चूका है नेत्र तीसरा शिव शम्भू त्रिकाल का,,,
इस कलयुग में वो ही बचेगा जो भक्त होगा महाकाल का
ज्वाला जलती है डमरू सुबह सुबह बजते हैं,
बडे अद्भुत श्रृंगार से महाकाल सजते हैं। जय श्री महाकाल
कभी प्रेम भरी चिट्ठी तुम भी लिखो महादेव,
मुझे लिखने के साथ साथ पढना भी आता है
भोले आएं आपके द्वार, भर दें जीवन में खुशियों की बहार,
ना रहे जीवन में कोई भी दुख, हर ओर फैल जाए सुख ही सुख।
भोले शंकर आपके जीवन में खुशियां ही खुशियां भर दें,
ना रहे जीवन में कोई भी दुख, हर ओर फैल जाए सुख ही सुख।
भोले बाबा का आशीर्वाद आपको मिले उनकी दुआ का प्रसाद आपको मिले
आप करें जिंदगी में इतनी तरक्की हर किसी का प्यार आपको मिले।
प्रेम और भक्ति का संगम शिव शायरी में
हालात के साथ वो बदलते है, जो कमजोर होते है,
हम तो महाकाल के लाडले है, हालात ही बदल कर रख देते है।
धन दौलत को चाहने वाला बिखर जाता है,
और मेरे महादेव को चाहने वाला निखर जाता है।
हर हर महादेव
दिखावे की मोहब्बत से दूर रहता हूँ,
इसलिये मैं महाकाल के नशे में चूर रहता हूँ।
हर ठोकर पर मुझे यह एहसास हुआ
कि महादेव तेरे बिना मेरा कोई नहीं
ना मरने का डर ना मोह माया का ज्ञान है
जब से जानी है महिमा तेरी बाबा तुझ पर सब कुर्बान है
आज जमा लो भांग का रंग, आपकी जिंदगी बीते खुशियों के संग,
भगवान भोले की कृपा बसरे आप पर, जीवन में भर जाये नई उमंग।
भोलेनाथ की धूम रहे चारो ओर सब बोले बम बम मचाये शोर
तुम भी भज लो हम भी भज ले, ॐ नमः शिवाय गाओ चारो ओर।
एक लोटा हो जल की धार,
इतने में ही भोलेनाथ कर दें हम सबका उद्धार।
हर दुख का अंत हर समस्या का निवारण है
मेरे महादेव की भक्ति का ऐसा अनोखा आवरण है
बाबा आपके सामने मेरी भी सुन लेना आखिर
मैं भी तो आपका अपना ही हूं
कह दो ज़माने से जो महादेव से प्रेम करते है
वो जिंदगी से मोह नहीं रखते।
कोई कहे शिवशंभू और शंकर कोई कहे कैलाशपति,
कोई कहे भुतनाथ मैं तो कहूँ सबकी सुनो बाबा भोलेनाथ।
लोगो से तो मैं सारी तकलीफें छुपता हूँ
एक महादेव ही हैं जिन्हे सब कुछ बताता हूँ
किस्मत हमारी कैसी भी हो मन तो भोला-भाला है
बहुत ठोकरें खाई हैं हमने हर बार महादेव ने हमें संभाला है
बाबा मेरी दुनिया की बस इतनी सी कहानी है
आपके चरणों में रहना आपकी मेरे ऊपर मेहरबानी है
महाकाल आपसे छुप जाए मेरी तकलीफ,
ऐसी कोई बात नहीं, तेरी भक्ति से ही पहचान है मेरी,
वरना मेरी कोई औकात नहीं जय श्री महाकाल।
सारा जहां है जिसकी शरण में, नमन है उन शिव जी के चरण में,
बने उन शिवजी के चरणों की धूल, आओ मिल कर चढ़ाएं हम श्रद्धा के फूल।
ना पूछो मुझसे मेरी पहचान, मैं तो भस्मधारी हूं,
भस्म से होता जिनका श्रृंगार, मैं उस शिव शंकर का पुजारी हूं।
इश्क से दूर रहते हैं हम लौंडे जरा सख्त हैं,
करते हैं भक्ति भोले की क्योंकि हम उनके भक्त हैं
सच्चे प्यार और शिव की महिमा
ना पूछो मुझसे मेरी पहचान …. मैं तो भस्मधारी हूँ …
भस्म से होता जिनका श्रृंगार मैं उस महाकाल का पुजारी हूँ …. हर हर महादेव
पुत्र है तेरे गणेश और कार्तिकेय
सारे लोग जग मे तेरी पूजा करे
ना किसी के अभाव में जीते है,ना किसी के प्रभाव में जीते है,
हम भक्त है महादेव के,सिर्फ उनके नाम से ही जीते है।
विश्व का कण-कण शिव मय हो, अब हर शक्ति का अवतार उठे,
जल थल और अम्बर से फिर, बम-बम भोले की जय जयकार उठे!
भगवान शिव की भक्ति से नूर मिलता है, दिल के धड़कनों को सुरूर मिलता है
जो भी आता है भोले के द्वार कुछ न कुछ जरूर मिलता है।
अगर पार्वती का प्यार और शिव सा इंतजार हो
तो सदाबहार प्रेम की कहानी बन ही जाती है
मुसाफिर हूं महादेव तेरे प्यार की गलियों का
मुझे अपने आगोश में भरकर शून्य कर दो..!!
शिव की महिमा अपरंपार, शिव करते सब जन का उद्धार,
उनकी कृपा आप पर सदा बनी रहे,
जो भोले के दरबार ना आता है अपने जीवन मैं वो बिखर जाता है
और जो भोले के दरबार आता है उसका जीवन निखार जाता है
हैसियत बहुत -छोटी है मेरीमगर मन- मेरा शिवाला है
मेहनत तो करता रहूंगा मैं क्योंकि मेरे साथ डमरूवाला है
जो भोले की भक्ति करेगा अपार आनंद पाएगा मोह
माया का क्या है यह सब तो यही रह जाएगा
माया को चाहने वाला बिखर जाता है।
महादेव को चाहने वाला निखर जाता है।
सारा संसार झुकता है जिनकी शरण में
मेरा प्रणाम है उस महादेव के चरण में !
जो अमृत पीते हैं उन्हें देव कहते हैं,
और जो विष पीते हैं उन्हें देवों के देव “महादेव” कहते हैं … !!
बस एक फूल, और एक बेलपत्र, एक लोटा हो
जल की धार, इतने में ही भोलेनाथ कर दें हम सबका उद्धार।
यह दुनिया है भोले तेरी शरण में सर झुकाते हैं शिव तेरे चरण में
हम तो हैं तेरे चरणों की धूल आओ शिव जी पर चढ़ाएं श्रद्धा के फूल!
विष पीने का आदि है मेरा भोला नागों की माला और बाघों का चोला
पीछे चलता है भूतों का टोला मस्ती में डूबा मेरा महाकाल, मेरा भोला
स्त्र शस्त्र के ज्ञाता महादेव के हम लाडले हैं
तभी तो हर हर शंभू बम बम भोले नाम गाते हैं
हालात के साथ वह बदलते हैं जो कमजोर होते हैं
हम तो महादेव के लाडले हैं हम तो हालात ही बदल कर रख देते हैं
दुनिया में अमीर रोता है गरीब रोता है मगर जो
शंकर जी का जयकारा लगाता है चैन की नींद सोता है
महादेव शायरी जो दिल के घाव भर दे
ना बादशाह बनना हैं, न मशहूर होना हैं,
मुझे बस भोलेनाथ तेरे इश्क़ में चूर चूर होना हैं।
दुनिया के बदलते रंग देखता हूँ पर,
सिर्फ आपको महादेव हर पल अपने संग देखता हूँ
Har Har Mahadev
जो भोले के दरबार ना आता है अपने जीवन मैं वो बिखर जाता है,
और जो भोले के दरबार आता है उसका जीवन निखार जाता है !!!
भोलेनाथ की भक्ति से नूर मिलता है शिव के भजनों से दिल को सुरूर मिलता है।
जो भी जपता से श्रद्धा से प्रभु का नाम कुछ न कुछ उसे जरूर मिलता है।
भोले आए आपके द्वार, भर दें जीवन में खुशियों की बहार,
ना रहे जीवन में कोई भी दुख, हर ओर फैल जाए सुख ही सुख।
रात हो गई अब सब का सोना, हे महादेव !
मुझे तो रोज की तरह आज भी तुझ में ही खोना
ना पूछो मुझसे मेरी पहचान, मैं तो भस्मधारी हूं,
भस्म से होता जिनका श्रृंगार, मैं उस शिव शंकर का पुजारी हूं।
मुझे मेरी हाथों की लकीरों पर नहीं,
बल्कि हाथ की लकीरों को बनाने वाले महादेव पर भरोसा है !!
हीरे मोती और जेवरात तो सेठ लोग पहनते हैं,
हम तो भोले के भक्त हैं इसीलिए “रुद्राक्ष” पहनते हैं
मेरे महादेव कहां करते हैं कि एक पल में अमीरी आएगी और
एक पल में फकीरी बस अच्छे कर्म कर ले नादान यह तो तकदीर है
मैंने तेरा नाम लेके ही सारे काम किए हैं महादेव
और लोग समझते हैं कि बन्दा किस्मत वाला है
मेरे रग रग में भोले सिर्फ नाम तुम्हारा है,
आज मैं जो भी हूं मेरे महादेव एहसान तुम्हारा है।
महादेव बस आप साथ रहना
दुनिया तो वैसे भी किसी की नहीं होती..!!
लोगो ने कुछ दिया, तो सुनाया भी बहुत कुछ
ऐ महादेव एक तेरा ही दर है, जहा कभी ताना नहीं मिला ।
आओ भगवान शिव को नमन करें, उनका आशीर्वाद
हम सब पर बना रहे शिवरात्रि की बधाई।
अकाल मृत्यु वो मरे जो काम करे चंडाल का
काल भी उसका क्या बिगाड़े जो भक्त हो महाकाल का!
न की जाने मन की जाने
जाने चित की चोरी उस शिव के हाथ में हैं तेरी मेरी डोरी।
न मोह न ही माया और ना ही ममता का बंधन,
जीवन से मौत तक है, सब महाकाल अलख निरंजन
ना किसी का नाम चलता है ना कोई रिश्वत चलती हे
जब मेरे महादेव की अदालत- चलती है
भले ही मूर्ति बनकर बैठे हैं, पर मेरे साथ खड़े हैं, आए संकट
जब भी मुझ पर, मुझ से पहले मेरे भोलेनेथ लड़े हैं
मैं ज़ोया हूँ…
पिछली बार मैंने “Diku Love Shayari Gujarati” लिखी थी, और आज भोलेनाथ के प्रेम पर अपना दिल उड़ेल दिया अख़िर में मैं बस इतना कहना चाहूँगी कि Best 50+ Love Shiv Shayari केवल शायरी का संग्रह नहीं है, ये उस एहसास का हिस्सा है जहाँ प्रेम और भक्ति एक हो जाते हैं। शिव-पार्वती की जोड़ी ने हमें यही सिखाया है कि प्रेम अगर सच्चा है, तो वो भक्ति बन जाता है और भक्ति अगर सच्ची है, तो वो जीवन का सहारा बन जाती है।
दिल की हर धड़कन में “ॐ नमः शिवाय” गूंजे और हर प्रेम कहानी में शिव जैसा विश्वास और पार्वती जैसा समर्पण हो… यही सबसे बड़ी दुआ है।
