Heart Touching Love Khatu Shyam Shayari
कुछ रिश्ते धरती पर नहीं, दिल में बनते हैं…
और कुछ मोहब्बतें इंसानों से नहीं, खुद भगवान से होती हैं।
Khatu Shyam ji के नाम में वो जादू है, जो टूटे को जोड़ देता है,
थके दिल को सुकून दे देता है,
और मोहब्बत को इबादत में बदल देता है।
आज मैं तुम्हारे लिए लाई हूँ heart touching love Khatu Shyam shayari,
जिसमें दुआ भी है, आस्था भी… और वो नर्म सा प्यार भी,
जो सिर्फ सच्चे दिल से मांगा जाता है।
Khatu Shyam ji se mohabbat का सफर
सांवरे… जब से देखा नजारा आपका
दुनिया के नजारे भूल गये।
जब से पकड़ी चौखट आपकी
हम सारी चौखट भूल गये।।
।। जय श्री श्याम।। ❤
मेरे जिस्म जान में श्याम, बस नाम तुम्हारा है
आज अगर मैं खुश हूँ,<3 तो यह अहसास भी तुम्हारा है
थामा हुआ है हाथ मेरा आपने यह मुझको मालूम है
मेरे हर पल हर लम्हें में श्याम प्यार तुम्हारा है।
।। जय श्री श्याम।।
मुझे तेरी सेवा मिली मेरे लिये यही बहुत बड़ी सौगात है
सांवरे मुझे कुछ देना ना देना मर्जी तेरी है
पर जो इस दिल में है उसकी झोली खुशियों से भर देना
तुझसे ये मेरी अर्जी है।
।। जय श्री श्याम।। ❤
श्याम तेरी मूरत मोहिनी
खींचे मन तेरी ओर
मेरा मन तेरा हो गया
मेरा चले ना इस पर जोर
।।जय श्री श्याम।।
तेरे चरण पड़े जब से मेरे आँगन
आँगन गुलशन हो गया
फूल जैसा मैं खिल उठा
धन्य यह जीवन हो गया
।।जय श्री श्याम।।
साँसों की डोर तेरे हाथों में
तेरे हाथ में दिल की धड़कन
मतवाले साँवरे तेरे चरणों में
बीते सारा मेरा जीवन
।।जय श्री श्याम।।
जो दुनिया ने छोड़ा,
वो श्याम ने थामा हर टूटा दिल बाबा ने ही संभाला है
।।जय श्री श्याम।।
तकलीफ़ चाहे कितनी भी हो भारी
बस “जय श्याम” कह दो, मिलती है खुदा की यारी
।।जय श्री श्याम।।
ना ताज चाहिए, ना शोहरत का नाम
बस जुबां पे रहे मेरा श्याम-श्याम
।।जय श्री श्याम।।
मेरे श्याम.. मुझे मंजूर है ये सौदा, आप यूं ही याद आते रहो।
आंसुओं के सहारे ही सही, मेरे नैनों में समाते रहो।।
।। जय श्री श्याम।।
भटक भटक के ये जग हारा, संकट में कोई दिया ना साथ।
सुलझ गई हर एक समस्या, श्याम ने जब से पकड़ा हाथ।।
।। जय श्री श्याम।।
मेरी इस दीवानगी में कुछ कसूर तुम्हारा भी है श्याम।
तुम इतने प्यारे ना होते, तो हम इतने दीवाने ना होते।
।। जय श्री श्याम।।
तेरे नाम का चंदन मला है तेरा पीला रंग पहना है
कंठ से निकले नाम तेरा नाम तेरा जपते रहना है
।।जय श्री श्याम।।
श्याम तेरे खेल निराले कोई समझ ना पाये
जो समझ जाए तुम्हें वह तेरा हो जाए
।। जय श्री श्याम।।
वक्त गुजरता है गुजरने दो मैं श्याम दरबार में आता रहुँ
वो नाम पुकारे जब भी मेरा मैं हाजिरी अपनी लगाता रहुँ
।।जय श्री श्याम।।
जब दिल टूटा और श्याम सहारा बने
दुनिया ने मुँह फेरा, तूने गले लगाया
श्याम तूने ही हर दर्द में साथ निभाया
।।जय श्री श्याम।।
पलकों पे रखा है तेरा नाम बाबा
हर सांस में बसा है तेरा ही पावन काम
।।जय श्री श्याम।।
दिल टूटा, तूने जोड़ा
रोता रहा, तूने ही सीने से छोड़ा नहीं
।।जय श्री श्याम।।
जितना मजाक दुनियां उड़ाती हैं उतनी ही तकदीर जगमगाती है
जब सर पर मेरे बाबा का हाथ होता है तो जिन्दगी पल भर में बदल जाती है।
।। जय श्री श्याम।।
सबकी सुनते हो श्याम, फिर हमें क्यों रूलाते हो।
हम तुम्हारे ही भरोसे हैं, ये बात क्यों भूल जाते हो।।
।। जय श्री श्याम।।
मेरे श्याम…. आशीष की बरसात हो जिन्दगी भर तेरा साथ हो।
भीगता रहूँ मैं तेरी भक्ति में बस सर पर तेरा हाथ हो।।
।। जय श्री श्याम।।
तू थामके मेरी बाँहें हे श्याम मुझे मंजिल तक पहुँचा देना
तू संग है तो हार का डर नहीं दुश्मन को भी गले लगा देना
।।जय श्री श्याम।।
चलते चलते राहों में ठोकर लगी ती याद आएे
आँसु निकले नैनों से होंठो पर एक फरियाद आएे
।।जय श्री श्याम।।
खाटू नगरी में वास तेरा वास तेरा भक्तों के दिल में
तू संग रहे मेरे उस पल भी जब साथ न दे कोई मुश्किल में
।।जय श्री श्याम।।
लोग हँसते हैं मेरे श्याम के नाम पे
उन्हें क्या पता, चैन आता है बस उस राम पे
।।जय श्री श्याम।।
मैंने सबको आज़मा लिया, कोई भी सच्चा ना निकला
फिर तेरा नाम लिया, और दिल को सुकून मिला
।।जय श्री श्याम।।
ना मंदिर, ना माला, ना कोई रस्म निभाई
बस सच्चे दिल से पुकारा, और श्याम ने बात सुनाई
।।जय श्री श्याम।।
तेरी निराली नजर मैंने रहमत भरी देखी
तेरी कृपा से सूखे पेड़ की टहनी हरी देखी
सकलाई मैंने बाबा तेरी खरी देखी
की देते नहीं देखा मगर, झोली भरी देखी।
।। जय श्री श्याम।।
इतनी मेहरबानी मेरे श्याम बनाये रखना,
जो रास्ता सही हो उसी पर चलाये रखना।
ना दुखे दिल किसी का मेरे शब्दों से,
इतना रहम तू मेरे श्याम मुझपे बनाये रखना।।
।। जय श्री श्याम।।
लिखी है ये गजल सिर्फ तेरे लिये
दीवाने बने भी तो सिर्फ तेरे लिये।
किसी को नहीं देखेंगी अब ये आंखे
नजरे तरसेंगी भी तो सिर्फ तेरे लिये।।
।। जय श्री श्याम।।
प्यार और आस्था का संगम
हारने ना देना मुझे बाबा विपत्ति बड़ी भारी है
तेरे नाम के सहारे मैंने संकट की घड़ियाँ गुजारी है
।।जय श्री श्याम।।
तू प्रेम का अथाह सागर है मैं किनारे पड़ी चट्टान
टकराने दो लहरों को आने दो श्याम यह तूफान
।।जय श्री श्याम।।
नैनों में तेरी तस्वीर है होंठो पर तेरा नाम
नाम तेरा सुमिरन करता रहूँ हर पल हर दिन आठों याम
।।जय श्री श्याम।।
भले ही लोग ताने देते रहें
पर जब तू साथ है, तो डर किस बात का श्याम रे
।।जय श्री श्याम।।
हजार बार टूटा हूँ, हर बार संभला हूँ
क्योंकि बाबा श्याम की दया से मैं चला हूँ
।।जय श्री श्याम।।
टूट गया सब कुछ, अब बस तुझसे आस है
श्याम बता, तू क्यों इतना खामोश आजकल पास है…
।।जय श्री श्याम।।
बिन बोले जब मिलते है श्याम हम बोल के क्यों मांगे।
मेरी दुनियां जब है ही श्याम, फिर इस दुनियां से क्यों हम मांगे।।
।। जय श्री श्याम।।
उस पथ की धूल बन जाऊँ हे मोर्वये तेरे कंठ पड़ी जो
उस माला का मैं फूल बन जाऊँ
।।जय श्री श्याम।।
कल कल बहती नदिया की धारा झर झर झरता झरना
खाटूवाले तेरे चरणों में रख ले वहीं है मेरा जीना मरना
।।जय श्री श्याम।।
श्याम मेरी उलझन सुलझा दे माथे से चिंता की लकीरें मिटा दे
मैं टूट कर बिखर गया हूँ अपनी अंजुलि में मुझे समा ले
।।जय श्री श्याम।।
धीरे धीरे चल रे मन श्याम मूरत मोहे निहारने दे
जितना देखुँ मन नहीं भरता सूरत यह नजर में उतारने दे
।।जय श्री श्याम।।
कहत कबीर सुनो भई साधो हारे का सहारा मेरा श्याम
जिसके द्वार पर आने से सँवर जाते हैं बिगड़े काम
।।जय श्री श्याम।।
सबने कहा मुस्कुरा, पर दिल ही नहीं था
श्याम बस तेरा नाम लिया, आँसू रोक लिए मैंने
।।जय श्री श्याम।।
ना कोई समझा, ना कोई अपना लगा
श्याम तू ही था जिससे दिल कभी ना डरा
।।जय श्री श्याम।।
कभी लगता है खुद से भी नफ़रत सी हो गई
फिर तेरा नाम लिया, और थोड़ी राहत सी हो गई
।।जय श्री श्याम।।
दिल छू लेने वाली Khatu Shyam bhakt shayari
महारण में एक शीश ने देखा युद्ध का हाल
पाण्डव तेरी जीत की राज जाने वो मोरवी का लाल
।।जय श्री श्याम।।
श्याम ने माँगा शीश बर्बरीक से बर्बरीक ना तनिक घबराया
श्याम कहे मेरा नाम है तेरा आज से तू श्याम कहलाया
।।जय श्री श्याम।।
रोते हुए को हँसा देते हो श्याम भटके को दिखाते हो राह
तेरे नाम का उजियारा है वरना जिन्दगी है काली स्याह
।।जय श्री श्याम।।
किसी की आखिरी आस किसी हारे की जीत हो तुम
टूट ना पाये भक्तों का विश्वास
।।जय माता दी।।
तेरे साये में है जब से जिन्दगी मेरी जिन्दगी में उजाला है
डगमगाती हुई जीवन नैया को बाबा तूने पार निकाला है
।।जय श्री श्याम।।
डगमगाती हुई है जिन्दगी संभाल लो मेरे श्याम
तेरी नजरें करम पड़े जो सँवर जाये मेरे बिगड़े काम
।।जय श्री श्याम।।
हर बार तूट के संभला हूँ बस तेरे नाम से
वरना कबका खत्म हो जाता इस बेजान शाम से
।।जय श्री श्याम।।
दुनिया ने ताने मारे, दिल ने भी साथ छोड़ा
बस तू था जो हर मोड़ पे मुझे थामे खड़ा था
।।जय श्री श्याम।।
मुस्कान झूठी थी, आँखों में समंदर था
श्याम तूने ही समझा, बाक़ी सब अजनबी बंदर था
।।जय श्री श्याम।।
ऊँचे ऊँचे पर्वतों से निकल कर नदिया सागर में खोने चली
मैं भी अपने श्याम धाम को साँवरिया की होने चली
।।जय श्री श्याम।।
लोग कहते हैं मुझे बावरा रखवाला मेरा श्याम साँवरा
किसी और से क्या हो उम्मीद मुझे तो बस तेरा आसरा
।।जय श्री श्याम।।
लोग पूछते हैं तू इतना चुप क्यों है
क्या बताऊँ श्याम, अब दर्द भी मेरा अपना बन गया है
।।जय श्री श्याम।।
टूटा हूँ मगर बिखरा नहीं हूँ
क्योंकि श्याम तू अब भी मेरे साथ है कहीं ना कहीं
।।जय श्री श्याम।।
Main Zoya hoon…
पिछली बार मैंने गाँव की सादगी में लिपटी “Best 40+ Haryanvi Shayari Love” लिखी थी,
और आज Khatu Shyam ji के प्यार में डूबी ये दुआएँ तुम्हारे दिल तक पहुँचा दीं।
कहते हैं, कुछ रिश्ते जन्म-जन्मांतर से जुड़े होते हैं…
और कुछ मोहब्बत ऐसी होती है, जो खुद श्री श्याम की मुरली से निकले स्वर की तरह
दिल में हमेशा बजती रहती है।
आज जो लफ़्ज़ मैंने लिखे, वो सिर्फ शायरी नहीं…
ये मेरे दिल की परतों में बसी उस भक्ति की खुशबू है,
जो हर साँस के साथ श्याम नाम की माला के मोतियों की तरह जुड़ती जाती है।
और अगर कभी इस दुनिया के शोर में तुम्हें सुकून खोता लगे,
तो इन अल्फ़ाज़ को याद कर लेना…
क्योंकि इसमें वो आशीर्वाद छुपा है,
जो Khatu Shyam ji के दर से उठकर सीधा तुम्हारे तकदीर के पन्नों पर उतर चुका है।
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